आगरा में 48 घंटे के भीतर कोल्ड स्टोर मैनेजर से लूट का पर्दाफाश: तीन बदमाश गिरफ्तार, चेसिस नंबर मिटाने से पहले पुलिस ने दबोचा

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आगरा: ताजनगरी आगरा के इरादतनगर थाना क्षेत्र में हाल ही में एक कोल्ड स्टोर मैनेजर के साथ हुई सनसनीखेज लूट की वारदात का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर ही सफल अनावरण कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से लूटी गई मोटरसाइकिल, वारदात में प्रयुक्त अन्य बाइक, एक अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और नगदी बरामद की गई है।

खास बात यह है कि आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचने और वाहन की पहचान पूरी तरह मिटाने के लिए लूटी गई बाइक की नंबर प्लेट हटाने के साथ-साथ उसका चेसिस नंबर भी घिसकर मिटाने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उनकी यह साजिश नाकाम कर दी।

​क्या था पूरा मामला?

​डीसीपी ईस्ट अभिषेक अग्रवाल ने गुरुवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बीती 4 अगस्त की शाम करीब 8:15 बजे कुर्रा चित्तरपुर के रहने वाले एक कोल्ड स्टोर मैनेजर अपना काम खत्म करके अपनी बाइक से अपने घर वापस लौट रहे थे। जैसे ही वे वीकापुर पुलिया के पास पहुंचे, तभी पहले से घात लगाए बैठे दो बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। बदमाशों ने तमंचे के बल पर उन्हें डराया-धमकाया और उनकी होंडा एसपी-125 मोटरसाइकिल तथा जेब में रखे करीब 10,000 रुपये नकद लूटकर मौके से फरार हो गए। इस दुस्साहसिक घटना की सूचना मिलते ही इरादतनगर थाने में तुरंत मुकदमा दर्ज किया गया और खुलासे के लिए पुलिस की विशेष टीमों का गठन किया गया।

​मुखबिर की सूचना और घेराबंदी

घटना के बाद पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और आसपास लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। साथ ही अपने मुखबिर तंत्र को भी पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया। इसी कड़ी में गुरुवार सुबह चेकिंग और गश्त के दौरान पुलिस को सटीक सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध युवक वीकापुर पुलिया के आसपास मौजूद हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया और घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को मौके से दबोच लिया। जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने कोल्ड स्टोर मैनेजर से लूट की इस वारदात को अंजाम देने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

​पहचान मिटाने की थी खतरनाक योजना

​पुलिस पूछताछ में एक और चौकाने वाला तथ्य सामने आया कि आरोपी लूटी गई बाइक को ठिकाने लगाने से पहले उसकी पहचान पूरी तरह खत्म करना चाहते थे। उन्होंने बाइक की आगे-पीछे की नंबर प्लेट तो पहले ही हटा दी थी और मेटल पर खुदे चेसिस नंबर को भी घिसकर मिटाने का प्रयास कर रहे थे, ताकि यदि पुलिस चेकिंग भी करे तो वाहन के असली मालिक का पता न चल सके। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी के चलते वे अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके और समय रहते धरे गए।

​बरामदगी का विवरण

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से पुलिस ने लूटी गई होंडा एसपी-125 मोटरसाइकिल, ​वारदात में प्रयुक्त टीवीएस राइडर (TVS Rider) बाइक, एक अवैध तमंचा और दो जिंदा कारतूस, ​तीन मोबाइल फोन और ​2,200 रुपये नकद बरामद किये है।

​आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस

​पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि ये बदमाश सुनसान रास्तों पर अकेले आने-जाने वाले राहगीरों को अपना सॉफ्ट टारगेट बनाते थे और लूटपाट के बाद सबूत मिटाने की कोशिश करते थे। पुलिस अब इन तीनों आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास खंगाल रही है और यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या वे जिले के अन्य थानों क्षेत्रों में हुई ऐसी ही किसी अन्य लूट की वारदातों में भी लिप्त रहे हैं।

डीसीपी ईस्ट ने सफल खुलासा करने वाली पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि मात्र 48 घंटे के भीतर अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है।