अपने वाले ठाकुर जी की एक भी फोटो देख लो, खड़े भी होते हैं तो तीन जगह से टेढ़े… टिप्पणी कर विवादों में घिरे धीरेंद्र शास्त्री: सपा बोली— “भाजपा के इशारे पर हो रही बयानबाजी”

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लखनऊ। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भगवान श्रीकृष्ण पर दिए गए अपने एक विवादित बयान को लेकर गंभीर विवादों में फंस गए हैं। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप, शारीरिक मुद्रा, बांसुरी वादन और वृंदावन धाम की तुलना करते हुए कुछ ऐसी टिप्पणियां कीं, जिन्हें लेकर अब भारी विरोध शुरू हो गया है।

​वायरल हो रहे बयान के अनुसार, धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “तुम अपने वाले ठाकुर जी की एक भी फोटो देख लो। खड़े भी होते हैं तो तीन जगह से टेढ़े। पांव के ऊपर पांव, कमर कहीं लचकाएं और टेढ़ी गर्दन करके बंसी बजाते हैं। वहीं, हमारे वाले भगवान (श्रीराम) खड़े भी होते हैं तो एकदम सीधे। उनका नाम भी सीधा, दिखते भी सीधे और चलते भी सीधे। तुम्हारे वाले का नाम भी टेढ़ा, दिखते भी टेढ़े और चलते भी टेढ़े।” इस टिप्पणी के सामने आने के बाद धार्मिक और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

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​समाजवादी पार्टी का कड़ा प्रहार: “भाजपा के इशारे पर हो रही बयानबाजी”

धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान के सामने आते ही विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (SP) ने भारतीय जनता पार्टी और धीरेंद्र शास्त्री पर करारा हमला बोला है। समाजवादी पार्टी के आधिकारिक मीडिया सेल (@mediacellsp) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए इसे भाजपा का पूर्व-नियोजित राजनीतिक ड्रामा करार दिया है।

​सपा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि भाजपा के इशारे पर ही धीरेंद्र शास्त्री इस प्रकार के अमर्यादित और विवादित बयान दे रहे हैं। पार्टी ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद धीरेंद्र शास्त्री के यहां पहुंचे थे और उन्हें संत बताया था। सपा का आरोप है कि यह शख्स अक्सर भाजपा के इशारे पर विवादित बयानबाजी करता है और चुनाव प्रचार में मदद पहुंचाता है।

​”चंदा चोरी से ध्यान भटकाने और वोट बैंक साधने की कोशिश”

सपा मीडिया सेल ने अपने पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान राम और भगवान कृष्ण के बीच कृत्रिम भेद पैदा करने की कोशिश की है। पार्टी के अनुसार, “भगवान कृष्ण के बारे में यह अनर्गल बयानबाजी भाजपा के इशारे पर की जा रही है, ताकि भाजपा को भगवान राम के नाम पर चुनावी लाभ मिल सके और राम मंदिर के नाम पर हुए चढ़ावे व चंदे की कथित चोरी की बात को दबाया जा सके।”

​”समाज में जहर घोलने के बाद अब भगवानों में भेद”

​सपा ने भाजपा की नीतियों पर प्रहार करते हुए आगे लिखा, “भाजपा का सनातन विरोधी चेहरा अब बेनकाब हो चुका है। भाजपा के ये कारिंदे, जो अब तक समाज में हिंदू-मुसलमान के नाम पर नफरत का जहर बेच रहे थे, वे अब भगवान और ईश्वरीय सत्ताओं में भेद का जहर बेचना शुरू कर चुके हैं। धर्म और आस्था का ऐसा ह्रास व नाश पहले किसी सरकार में नहीं हुआ, जितना भाजपा शासन में हो रहा है। यह बेहद शर्मनाक, निर्लज्जतापूर्ण और एक आपराधिक कृत्य है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी भाजपा और संघ परिवार की मानसिकता पर जाती है।”

​धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान और सपा की तीखी प्रतिक्रिया के बाद उत्तर प्रदेश का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस बढ़ते विवाद पर बागेश्वर धाम या भाजपा की ओर से क्या सफाई सामने आती है।