ब्रिगेडियर नाना और कर्नल दादा की विरासत: अभिनेत्री सीरत कपूर ने साझा की अपनी ‘आर्मी बैकग्राउंड’ की गौरवगाथा

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मुंबई (अनिल बेदाग)। भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर अभिनेत्री सीरत कपूर ने अपने परिवार की सैन्य विरासत को याद करते हुए भावुक विचार साझा किए। उनके लिए गणतंत्र दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि अनुशासन, सम्मान और सेवा के उन मूल्यों की याद है, जो उनके परिवार में पीढ़ियों से चले आ रहे हैं।

सीरत कपूर बहुत कम लोगों को यह जानकारी है कि वह आर्मी बैकग्राउंड से आती हैं। उनके दोनों दादाजी और परिवार के अन्य सदस्य भारतीय सशस्त्र बलों से जुड़े रहे हैं। उनका परिवार सेना और वायुसेना, दोनों से गहराई से जुड़ा रहा है। सीरत इसे “कर्तव्य और ईमानदारी से जुड़ी साझा जिम्मेदारी” बताती हैं।

सीरत के नाना, स्वर्गीय ब्रिगेडियर त्रिशन सिंह ने अपने सैन्य करियर की शुरुआत आर्मी एयर ऑब्ज़र्वेशन पोस्ट में पायलट के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों का नेतृत्व किया और स्मॉल आर्म्स इंस्पेक्टर के रूप में भी देश की सेवा की। वहीं, उनके दादाजी भारतीय सेना में कर्नल के पद पर रहे।

अपने परिवार से मिले संस्कारों पर बात करते हुए सीरत कपूर कहती हैं, “मैं ऐसे परिवार से आती हूं जहां देश की सेवा सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि एक ज़िम्मेदारी थी। मेरे दादाजी की कर्तव्यनिष्ठा ने हमारे घर का माहौल बनाया। उनसे मैंने सीखा कि नेतृत्व ज़िम्मेदारी है, सच्ची बहादुरी शांत होती है और असली गरिमा तब दिखाई देती है, जब कोई देखने वाला नहीं होता।”

सीरत अपने दादा-दादी को अनुशासन, विनम्रता, समय की पाबंदी और खुद से बड़े उद्देश्य की सेवा का भाव सिखाने का श्रेय देती हैं। उनका कहना है कि यही मूल्य आज भी उनके निजी और पेशेवर जीवन में उन्हें सही दिशा दिखाते हैं।

वह आगे कहती हैं, “ये सीख मेरे काम, लोगों से व्यवहार और मुश्किल हालात में फैसले लेने में मेरी मदद करती है। उनकी विरासत मुझे याद दिलाती है कि चरित्र रोज़मर्रा के छोटे-छोटे फैसलों से बनता है।”

इस गणतंत्र दिवस पर सीरत कपूर ने अपने दादा-दादी को श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ याद किया और देशवासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।