कल रात मैंने सपना देखा कि आपका चुनाव चिन्ह साइकिल है…समर्थक की बात सुन अपनी हंसी नहीं रोक पाए पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह

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उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह का एक नया और दिलचस्प वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उनके ही एक समर्थक ने कुछ ऐसा कह दिया कि वहां मौजूद सभी लोग अपनी हंसी नहीं रोक पाए और ठहाके लगाने लगे। खुद बृजभूषण सिंह भी मुस्कुराए बिना नहीं रह सके और मजाकिया अंदाज में ‘भक्क’ कहते हुए आगे बढ़ गए। अब इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स तरह-तरह की मजेदार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और इसकी खासी चर्चा हो रही है।

​वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह अपने समर्थकों के साथ कहीं जा रहे हैं। इसी दौरान उनके सामने एक शख्स आता है और चुटीले अंदाज में कहता है कि आपका नया चुनाव चिह्न आ गया है, और उसने रात में सपना देखा है कि आपका चुनाव चिह्न ‘साइकिल’ (समाजवादी पार्टी का चुनाव चिह्न) है। इतना सुनते ही बृजभूषण सिंह ने तुरंत जोर से ‘भक्क’ कहा, जिसे सुनकर उनके पीछे चल रहे तमाम समर्थक और खुद वे भी जोर-जोर से हंसने लगे।

अखिलेश यादव से रिश्तों को लेकर चर्चा में रहे हैं बृजभूषण

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से बृजभूषण शरण सिंह और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बीच आपसी संबंधों को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चाएं रही हैं। हाल ही में दोनों नेताओं ने एक-दूसरे की सार्वजनिक रूप से तारीफ की थी। अखिलेश यादव ने एक बयान में कहा था कि उनके बृजभूषण सिंह के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं। इसी तरह, बृजभूषण सिंह भी यह कह चुके हैं कि अखिलेश यादव से उनके रिश्ते काफी अच्छे हैं, वह उनके खिलाफ कुछ नहीं बोलते और वे भी अखिलेश के खिलाफ कोई बयानबाजी नहीं करते। यहां तक कि बृजभूषण यह भी कह चुके हैं कि अखिलेश यादव के बिना ‘इंडिया’ गठबंधन बिल्कुल सूना है।

​सपा से राज्यसभा टिकट मिलने की उड़ी थीं अफवाहें

इन बयानों और बढ़ती नजदीकियों के बाद, हाल ही में जब उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनावों के लिए विभिन्न दलों के उम्मीदवारों के नामों का ऐलान हो रहा था, तो सोशल मीडिया पर अचानक यह अटकलें तेज हो गई थीं कि बृजभूषण शरण सिंह को समाजवादी पार्टी की तरफ से उच्च सदन यानी राज्यसभा का टिकट मिल सकता है। हालांकि, ये तमाम बातें केवल कयासबाजी और सोशल मीडिया की अटकलें ही साबित हुईं। न तो अखिलेश यादव और न ही बृजभूषण शरण सिंह की तरफ से कभी इस तरह की किसी संभावना पर कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि की गई थी।