दुबई/रियाद/तेहरान। मध्य पूर्व (Middle East) में शांति की उम्मीदों को करारा झटका लगा है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान द्वारा पड़ोसी देशों से माफी मांगने और हमले न करने के वादे के चंद घंटों बाद ही ईरान ने शनिवार-रविवार की दरमियानी रात खाड़ी देशों पर ताबड़तोड़ हमले किए। इन हमलों ने सऊदी अरब, यूएई और कतर के कई इलाकों को निशाना बनाया, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध की लपटें तेज हो गई हैं।
दुबई मरीना में ड्रोन अटैक: ड्राइवर की मौत
सबसे चौंकाने वाला हमला दुनिया के वित्तीय केंद्र दुबई में हुआ। दुबई मीडिया ऑफिस के अनुसार, एक सुसाइड ड्रोन दुबई मरीना स्थित एक टावर के सामने के हिस्से से टकराया। ड्रोन का मलबा नीचे खड़ी एक गाड़ी पर गिरा, जिससे उसके ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। पश्चिम एशिया में जारी इस जंग के बीच यूएई में यह चौथी मौत दर्ज की गई है।
राष्ट्रपति की माफी और प्रवक्ता का दावा रहा खोखला
यह हमले ऐसे समय में हुए जब ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सार्वजनिक रूप से पड़ोसी देशों से माफी मांगते हुए भविष्य में हमले न करने का वादा किया था। वहीं, ईरानी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अबोलफजल शेखरची ने भी दावा किया था कि ईरान अपने पड़ोसियों को नुकसान नहीं पहुँचाएगा। लेकिन प्रोजेक्टाइल और ड्रोनों की बारिश ने इन दावों की पोल खोल दी है।
यूएई और सऊदी अरब का कड़ा पलटवार
हमलों के बाद खाड़ी देशों का धैर्य जवाब दे गया है:
यूएई की चेतावनी: राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जाएद अल नाह्यान ने अबू धाबी टीवी पर सख्त लहजे में कहा, “यूएई की चमड़ी मोटी और मांस कड़वा है। हम कोई आसान शिकार नहीं हैं।” उन्होंने साफ किया कि यूएई की चमक-दमक को उसकी कमजोरी न समझा जाए।
सऊदी अरब का अल्टीमेटम: रियाद ने स्पष्ट किया है कि यदि उनके देश के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर (तेल ठिकानों) पर हमला जारी रहा, तो सऊदी अरब जवाबी सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा।
ट्रंप के संपर्क में कतर
कतर पर भी ईरान ने कई हमले किए, जिन्हें कतरी एयर डिफेंस ने हवा में ही नष्ट कर दिया। इस बीच कतर के अमीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर लंबी बात की। कतर ने साफ किया है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

