शर्मसार हुई इंसानियत: हापुड़ में जलती चिता की आग से सुलगाया हुक्का, रील बनाने के लिए पार की मर्यादा की सारी हदें

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हापुड़: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक ऐसी विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जिसने न केवल सामाजिक मर्यादाओं को तार-तार कर दिया है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं पर भी गहरा प्रहार किया है। यहाँ कुछ युवकों ने अपनी ओछी प्रसिद्धि और सोशल मीडिया रील के चक्कर में एक मृत आत्मा के सम्मान को ताक पर रख दिया। श्मशान घाट में जलती चिता की आग से हुक्का सुलगाने का एक वीडियो वायरल होने के बाद पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है।

​घटना हाफिजपुर थाना क्षेत्र के महमूदपुर गांव की है। शुक्रवार को गांव की एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला, मुन्नी देवी का देहांत हो गया था। परिजनों ने भारी मन से उनका अंतिम संस्कार किया और चिता को अग्नि देकर घर लौट आए। इसी बीच, गांव के ही चार युवक श्मशान घाट पहुँचे। उनके हाथ में हुक्का था और इरादे बेहद शर्मनाक।

​चिता की आग से ‘नशा’ और रील का खेल

हैरानी और घृणा पैदा करने वाली बात यह है कि मुख्य आरोपी अभिषेक ने एक पतली छड़ी के जरिए बुजुर्ग महिला की जलती चिता से दहकते हुए उपले बाहर खींचे। इसके बाद उन्हीं उपलों को हुक्के की चिलम में रखकर नशा करना शुरू कर दिया। इस दौरान उसके दोस्त इस पूरी घिनौनी हरकत का वीडियो शूट करते रहे। संवेदनहीनता यहीं नहीं रुकी, इन युवकों ने इस कृत्य को बहादुरी समझकर सोशल मीडिया पर ‘रील’ के रूप में पोस्ट कर दिया।

​गांव में आक्रोश, पुलिस की बड़ी कार्रवाई

शनिवार को जैसे ही यह वीडियो ग्रामीणों की नजर में आया, गांव में उबाल आ गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह न केवल मुन्नी देवी का अपमान है, बल्कि हिंदू मान्यताओं और अंतिम संस्कार की पवित्रता के साथ खिलवाड़ है। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचने की शिकायत पर हापुड़ पुलिस तुरंत हरकत में आई।

​पुलिस ने वायरल वीडियो के जरिए आरोपियों की पहचान की और उनके ठिकानों पर छापेमारी की। पुलिस ने मुख्य आरोपी अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया है और मौके से वह हुक्का भी बरामद किया गया है जिसका इस्तेमाल वीडियो में हुआ था।

​बाकी आरोपियों की तलाश जारी

​हाफिजपुर थाना प्रभारी प्रवीन कुमार ने बताया कि इस मामले में कुल चार युवक नामजद हैं। अभिषेक फिलहाल हिरासत में है, जबकि उसके तीन अन्य साथी पुलिस की भनक लगते ही फरार हो गए हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं और जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया पर ‘लाइक्स’ पाने की सनक युवाओं को किस हद तक ले जा रही है।