बुलंदशहर में भीषण सड़क हादसा: ईको वैन पेड़ से टकराई, दर्शन करने जा रहे एक ही परिवार के 5 लोगों की दर्दनाक मौत, तीन घायल

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बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से शुक्रवार की सुबह एक बेहद हृदयविदारक सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है। यहां नरौरा थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार ईको वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक विशाल पेड़ से जा टकराई। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह पीड़ित परिवार कासगंज जिले से बुलंदशहर के प्रसिद्ध बेलोन स्थित सर्वमंगला माता मंदिर में दर्शन-पूजन करने के लिए निकला था, लेकिन मंजिल तक पहुंचने से पहले ही यह दुखद हादसा हो गया।

कासगंज से माता के दर्शन के लिए निकला था परिवार

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, कासगंज जिले के सिढ़पुरा क्षेत्र के निवासी रामदीन राजपूत (50 वर्ष) अपने परिवार के सदस्यों के साथ शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे सर्वमंगला माता मंदिर में दर्शन करने के लिए घर से निकले थे। गाड़ी उनके ही गांव के निवासी शिवशेखर मिश्रा (55 वर्ष) चला रहे थे। गाड़ी में चालक समेत परिवार के कुल 8 लोग सवार थे। जैसे ही उनकी ईको वैन नरौरा थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव के समीप पहुंची, चालक अचानक वाहन पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। बेकाबू हुई गाड़ी सीधे सड़क किनारे पेड़ से इतनी भीषण गति से टकराई कि गाड़ी का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

​चीख-पुकार के बीच पहुंचे राहत दल, अस्पताल में भर्ती कराए गए घायल

टक्कर इतनी प्रचंड थी कि वाहन सवार तीन पुरुष, एक महिला और एक मासूम बच्ची ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। भयानक आवाज और चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक राहत दल मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद दुर्घटनाग्रस्त वाहन में फंसे शवों और घायलों को बाहर निकाला गया। घायलों की बेहद नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार देने के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र (हायर सेंटर) के लिए रेफर कर दिया गया है।

​अस्पताल में अपनों को तलाशती रही घायल बहू

​इस दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया है। गाड़ी में रामदीन के छोटे बेटे लोकेंद्र (26), बहू ललिता (20), बड़ी बहू बबिता (35), पोता प्रतीक (5) और पोतियां अनिका (11) व प्रगति (1) सवार थीं। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुई बहू ललिता जब होश में आई, तो वह अस्पताल में बदहवास होकर अपने परिवार के बाकी लोगों के बारे में पूछती और उन्हें एक बार देखने के लिए रोती-बिलखती रही। एक साथ परिवार के पांच चिराग बुझ जाने से गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने सभी मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के सटीक कारणों की गहन जांच की जा रही है।