लखनऊ में ‘हर घर तिरंगा अभियान’ का भव्य आगाज, सीएम योगी बोले- यह नहीं हो सकता कि रहेंगे भारत में और यहीं के प्रतीकों को अपमानित करेंगे

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को बहुप्रतीक्षित ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इस पावन अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री आवास (5 कालिदास मार्ग) से लेकर विधान भवन तक एक भव्य और ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा की अगुवाई की।

इस यात्रा में भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में उत्साही युवा, महिलाएं, कलाकार और आम प्रदेशवासी पूरी ऊर्जा के साथ शामिल हुए। शुभारंभ के इस विशेष मौके पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा थामे हुए नन्हे-मुन्नों बच्चों के साथ प्यारी सेल्फी ली और उनका हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम की शुरुआत पूरे जोश के साथ ‘वंदे मातरम’ के सामूहिक गान के साथ हुई।

मुख्यमंत्री ने आगामी स्वाधीनता दिवस की अग्रिम बधाई देते हुए प्रदेश की जनता से अपील की कि वे इस बार स्वतंत्रता दिवस से पहले अपने-अपने घरों पर पूरे सम्मान के साथ तिरंगा जरूर फहराएं। उन्होंने तिरंगे को सादगी, विकास, देश की सांस्कृतिक विरासत और भारत की आन-बान-शान का सबसे बड़ा प्रतीक बताया।

बलिदानी क्रांतिकारियों और निर्माताओं को किया याद

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा देश के महान क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के प्रति सच्ची कृतज्ञता ज्ञापित करने के उद्देश्य से पूरे देश में राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक ‘तिरंगा यात्रा’ का शुभारंभ किया जा रहा है। उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई लड़ने वाले और स्वतंत्र भारत की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर क्रांतिकारियों, वीर सैनिकों के साथ-साथ संविधान निर्माताओं जैसे देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर और लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के अमूल्य योगदान को भी श्रद्धापूर्वक याद किया।

​प्रतीकों के अपमान पर कड़ा रुख

कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा हमारी सादगी, विकास, विरासत और भारत की आन-बान-शान का जीवंत प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सर्वोच्च सम्मान सुनिश्चित करने के लिए यह कड़ा निर्णय लिया है कि अब राष्ट्रगान या राष्ट्रगीत का अपमान करने वालों को संज्ञेय (Cognizable) अपराध की श्रेणी में रखते हुए सख्त दंडित किया जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि अब यह कदापि सहन नहीं किया जाएगा कि लोग रहें तो भारत की धरती पर, लेकिन यहीं के राष्ट्रीय प्रतीकों, महान महापुरुषों, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का अपमान करें।

काकोरी ट्रेन एक्शन और ‘राष्ट्र प्रथम’ का संकल्प

मुख्यमंत्री ने इतिहास के पन्नों को याद करते हुए कहा कि आज ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ का 101वां पर्व भी है। वर्ष 1925 में आज के ही ऐतिहासिक दिन महान क्रांतिकारी पं. रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह और अशफाक उल्ला खां ने काकोरी ट्रेन एक्शन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर ब्रिटिश हुकूमत की चूलें हिला दी थीं। यह तिरंगा यात्रा उन्हीं अमर हुतात्माओं के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने और पीएम मोदी के ‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प को आगे बढ़ाने का एक बड़ा माध्यम है। यह मंत्र आज देश के प्रत्येक युवा के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बन चुका है।

​युवाओं की शक्ति और तिरंगा यात्रा की भव्यता

युवाओं की सराहना करते हुए सीएम योगी ने कहा कि देश का युवा अपार प्रतिभा और ऊर्जा का प्रतीक है, और उसमें देश की हर बड़ी चुनौती का डटकर मुकाबला करने का पूरा सामर्थ्य है। आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा द्वारा देशव्यापी तिरंगा यात्रा का मुख्य उद्देश्य यही है कि युवा ऊर्जा को आगे बढ़ने के लिए सही मंच मिले, ताकि वे परंपरागत शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्र की हर चुनौती से निपटने के लिए खुद को सक्षम बना सकें।

तिरंगा यात्रा में उमड़ी भारी भीड़ से अभिभूत होकर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम’ और “तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें” के पवित्र संकल्प के साथ अपने प्राणों का बलिदान देने वाले हुतात्माओं के प्रति लखनऊ में एकत्रित 25 से 30 हजार युवा इस यात्रा में सहभागी बनकर सच्ची कृतज्ञता ज्ञापित कर रहे हैं।

​प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों की सराहना

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान से जुड़े जो कार्य वर्ष 1947 की आजादी के तुरंत बाद हो जाने चाहिए थे, उन्हें पूरा होने में पूरे 75 वर्ष क्यों लग गए? इसका मुख्य कारण यह था कि कुछ राजनीतिक दलों और लोगों के लिए हमेशा से ‘सत्ता’ सर्वोपरि रही, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए हमेशा ‘राष्ट्र प्रथम’ है। उन्होंने किसानों, गरीबों, युवाओं और महिलाओं के उत्थान के लिए नई योजनाओं के द्वार खोलकर देश के सामने एक आदर्श प्रस्तुत किया है।

​उन्होंने आगे कहा कि पहले आम नागरिकों को अपने घरों पर तिरंगा फहराने के लिए न्यायालय के चक्कर काटने पड़ते थे और लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ती थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लैग कोड में संशोधन करके देश के 140 करोड़ नागरिकों को यह पूर्ण स्वतंत्रता दी कि वे अपने घर पर शान से तिरंगा लगा सकें।

राष्ट्रभक्ति और अनुशासन का अद्भुत संगम

तिरंगा यात्रा के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के गगनभेदी उद्घोष के साथ सभी को पूरी अनुशासनबद्धता के साथ विधान भवन तक मार्च करने का आह्वान किया। सीएम के इस आह्वान का असर पूरे रास्ते में दिखाई दिया, जहां राष्ट्रभक्ति और अनुशासन का एक अद्भुत संगम देखने को मिला।

मुख्यमंत्री खुद हाथों में तिरंगा थामे नन्हे-मुन्नों बच्चों और शासन-संगठन के शीर्ष नेताओं के साथ देशभक्ति गीतों की गूंज के बीच 5 कालिदास मार्ग से विधान भवन तक पैदल मार्च में शामिल हुए। अंत में विधान भवन के समक्ष मुख्यमंत्री ने रंग-बिरंगे गुब्बारे आसमान में छोड़कर इस ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा को सफलतापूर्वक पूर्णता प्रदान की।