आगरा में ‘इंडिया स्किल्स’ का भव्य समापन: केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने विजेताओं को सराहा, बोले— ‘अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का नाम रोशन करेंगे हमारे युवा’

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​आगरा। ताजनगरी के बीएसएनएल ग्राउंड में पिछले चार दिनों से चल रहे कौशल और नवाचार के महाकुंभ ‘इंडिया स्किल्स 2025–26’ (नॉर्थ रीजनल प्रतियोगिता) का शनिवार को रंगारंग समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने विजेता प्रतिभागियों को पदकों से सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं को मंत्र दिया कि हुनर ही भविष्य की असली पूंजी है और भारत जल्द ही ‘ग्लोबल स्किल कैपिटल’ बनकर उभरेगा।

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उत्तर भारत के 5 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के 360 से अधिक प्रतिभागियों ने 41 अलग-अलग स्किल ट्रेड्स (जैसे वेल्डिंग, हेयर ड्रेसिंग, रोबोटिक्स आदि) में अपनी तकनीकी दक्षता दिखाई। प्रतियोगिता में हरियाणा के प्रतिभागियों ने सर्वाधिक पदक जीतकर अपनी धाक जमाई, वहीं उत्तर प्रदेश के प्रतिभागियों ने भी गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतकर अपनी मेधा का लोहा मनवाया।

आगरा से मेरा भावनात्मक जुड़ाव: जयंत चौधरी

समारोह को संबोधित करते हुए जयंत चौधरी भावुक नजर आए। उन्होंने याद दिलाया कि उनके बाबा और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने भी आगरा से ही अपनी शिक्षा ग्रहण की थी। उन्होंने कहा कि आगरा केवल पर्यटन का केंद्र नहीं, बल्कि अब स्किलिंग और विकास का हब बन रहा है। जेवर एयरपोर्ट के बनने से आगरा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वैश्विक निवेश के नए रास्ते खुलेंगे।

विकसित भारत के संकल्प में कौशल की भूमिका

​कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय और व्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिल देव अग्रवाल भी मौजूद रहे।

केबिनेट मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को पूरा करने के लिए ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन यूनिवर्सिटी’ जैसी पहल युवाओं को मजबूती दे रही है।

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि यूपी में एआई (AI), ड्रोन और सोलर टेक्नोलॉजी जैसे नए क्षेत्रों में लाखों युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

​यूपी के इन सितारों ने जीता पदक:

​प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के कई प्रतिभागियों ने अपनी चमक बिखेरी:

गोल्ड मेडल: कृष्ण गोपाल (हेयर ड्रेसिंग), भोला कुमार (वेल्डिंग)।

सिल्वर मेडल: गंभीर सिंह (ब्यूटी थेरेपी), सत्यनारायण (ICT इंफ्रा), साधना (ऑटो बॉडी रिपेयर)।

ब्रॉन्ज मेडल: अलीम आशिम, शोभित पटेल, ताल्हा अंसारी और कल्पना यादव।

अगला पड़ाव: वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता

​इस क्षेत्रीय प्रतियोगिता के विजेता अब राष्ट्रीय स्तर पर खेलेंगे, जिसके बाद श्रेष्ठ प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली ‘वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता’ में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा। कार्यक्रम का समापन कश्मीर से लेकर लद्दाख तक की सांस्कृतिक झलक पेश करने वाले रंगारंग कार्यक्रमों के साथ हुआ।