मुंबई (अनिल बेदाग): भारत की पारंपरिक गौ-आधारित अर्थव्यवस्था को आधुनिक तकनीक और वैश्विक पहचान दिलाने के लिए पुणे के एग्रीकल्चर कॉलेज ग्राउंड में ‘गौ टेक 2026’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है। 20 से 23 मार्च 2026 तक चलने वाला यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी, देश में ‘ब्राउन रिवोल्यूशन’ (भूली क्रांति) को नई दिशा देने का काम करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य गौ-आधारित उद्योगों, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण उद्यमिता को एक सशक्त ग्लोबल प्लेटफॉर्म प्रदान करना है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा ‘ग्लोबल’ बूस्ट
जीसीसीआई (GCCI) के संस्थापक और राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. वल्लभभाई कथीरिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस आयोजन की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि ‘गौ टेक 2026’ केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार और नवाचार का एक बड़ा केंद्र बनेगा
आयोजन की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
विशाल पैमाना: 300 से अधिक स्टॉल और 12 से ज्यादा विशेष सेमिनार।
ग्लोबल नेटवर्किंग: विदेशी प्रतिनिधियों की भागीदारी और बी2बी (B2B) बैठकों का आयोजन।
विशाल भागीदारी: 4 दिनों के भीतर 5 लाख से अधिक विजिटर्स के आने का अनुमान।
नवाचार और लाइव प्रदर्शनी का होगा संगम
प्रदर्शनी में केवल डेयरी उत्पाद ही नहीं, बल्कि गौ-वंश से जुड़े आधुनिक और टिकाऊ विकल्पों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें जैविक खाद, बायो-पेस्टीसाइड, गौमूत्र व गोबर आधारित उत्पाद, प्राकृतिक खेती की तकनीक, बायो-एनर्जी और चारा उद्योग पर विशेष फोकस रहेगा। साथ ही, आगंतुकों के लिए भारतीय देशी गौवंश की लाइव प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।
उद्घाटन और समापन की तैयारी
महाराष्ट्र गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री शेखर मूंदड़ा ने जानकारी दी कि 20 मार्च को भव्य उद्घाटन समारोह के साथ इस महाकुंभ की शुरुआत होगी। 23 मार्च तक चलने वाले इस आयोजन में वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं और स्टार्ट-अप निवेशकों के बीच पंचगव्य आधारित नवाचारों पर गहन चर्चा की जाएगी।

