उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस का फुल स्टॉक; तेल कंपनियों की जनता से अपील— ‘पैनिक बाइंग न करें’

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लखनऊ: वैश्विक स्तर पर तेल और गैस क्षेत्र में चल रहे उतार-चढ़ाव और अनिश्चितताओं के बावजूद, उत्तर प्रदेश के उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों— इंडियनऑयल (IOCL), बीपीसीएल (BPCL) और एचपीसीएल (HPCL) ने राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (रसोई गैस) की निर्बाध और सुचारू आपूर्ति बनाए रखने की पूरी गारंटी दी है। वैश्विक मंदी या किसी भी अंतरराष्ट्रीय संकट का असर उत्तर प्रदेश के नागरिकों की दैनिक ऊर्जा जरूरतों पर नहीं पड़ेगा, इसके लिए तीनों तेल कंपनियां पूरी मुस्तैदी से काम कर रही हैं।

​मजबूत है नेटवर्क, स्टॉक की कोई कमी नहीं

भारतीय तेल उद्योग अपने विशाल और अत्याधुनिक आपूर्ति नेटवर्क के दम पर राज्य के कोने-कोने तक ईंधन पहुंचाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। कंपनियों के पास टर्मिनल्स, मुख्य डिपो, एलपीजी बॉटलिंग प्लांट्स और स्थानीय रिटेल आउटलेट्स (पेट्रोल पंपों) का एक ऐसा मजबूत ढांचा है जो किसी भी स्थिति से निपटने में सक्षम है। फिलहाल प्रदेश के सभी पेट्रोल पंपों और एलपीजी वितरण केंद्रों पर ईंधन की डिलीवरी पूरी तरह सामान्य है। सुरक्षा और परिचालन के कड़े मानकों का पालन करते हुए, बिना किसी पाबंदी या कटौती के यह सप्लाई चेन लगातार काम कर रही है।

​मांग के अनुसार लगातार री-फिलिंग, एलपीजी भी सामान्य

​तेल कंपनियों के अधिकारियों के मुताबिक, पूरी सप्लाई चेन में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त और अतिरिक्त स्टॉक सुरक्षित रखा गया है। उपभोक्ताओं की वास्तविक और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए डिपो से आउटलेट्स तक ईंधन की निरंतर पुनःपूर्ति (री-फिलिंग) की जा रही है। इसके साथ ही, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस (LPG) की डिलीवरी भी पूरी तरह सामान्य बनी हुई है और राज्य के सभी जिलों में बिना किसी देरी के सिलेंडरों का वितरण सुचारू रूप से चल रहा है।

तीनों सार्वजनिक कंपनियां लॉजिस्टिक्स, स्टॉक मैनेजमेंट और डिस्ट्रीब्यूशन प्लानिंग पर मिलकर काम कर रही हैं, ताकि राज्य के नागरिकों को ऊर्जा की कमी का सामना न करना पड़े।

​घबराकर खरीदारी न करें नागरिक, अफवाहों से बचें

कंपनियों ने समग्र आपूर्ति स्थिति को पूरी तरह स्थिर और नियंत्रण में बताते हुए जनता से एक बेहद महत्वपूर्ण अपील की है। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे सामान्य दिनों की तरह ही अपनी जरूरत के हिसाब से ईंधन की खरीदारी करें और किसी भी तरह की अफवाह में आकर अनावश्यक रूप से ‘पैनिक बाइंग’ (घबराहट में स्टॉक करना) न करें।

इसके अतिरिक्त, जनता को यह भी सलाह दी गई है कि ईंधन की उपलब्धता या कीमतों से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए सोशल मीडिया की अफवाहों के बजाय केवल तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक और प्रामाणिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।