पूर्व भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी के पति पी.सी. जोशी का निधन; प्रयागराज में होगा अंतिम संस्कार

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लखनऊ/प्रयागराज: उत्तर प्रदेश की राजनीति का प्रमुख चेहरा और पूर्व सांसद प्रोफेसर रीता बहुगुणा जोशी के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके पति और प्रख्यात शिक्षाविद् पुरन चंद्र जोशी (पी.सी. जोशी) का सोमवार सुबह 7 बजे लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई (SGPGI) में निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की पुष्टि स्वयं रीता बहुगुणा जोशी ने की है। दिवंगत पी.सी. जोशी का पार्थिव शरीर आज देर शाम उनके गृह जनपद प्रयागराज लाया जाएगा, जहाँ अंतिम विदाई की तैयारियाँ की जा रही हैं।

​विद्वत्ता और सादगी की प्रतिमूर्ति थे पी.सी. जोशी

प्रोफेसर पी.सी. जोशी एक उच्च शिक्षित मैकेनिकल इंजीनियर थे। उन्होंने रूस (तत्कालीन सोवियत संघ) की प्रतिष्ठित पैट्रिस लुमुम्बा यूनिवर्सिटी, मॉस्को से अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की थी। स्वभाव से बेहद सरल और अनुशासित जोशी जी ने अपना पूरा जीवन शिक्षा और शोध के प्रति समर्पित कर दिया। यद्यपि वे एक शक्तिशाली राजनीतिक परिवार का हिस्सा थे, लेकिन उन्होंने स्वयं को चुनावी राजनीति से दूर रखकर एक बौद्धिक पहचान बनाए रखी।

​रीता बहुगुणा जोशी के ‘मजबूत स्तंभ’

वर्ष 1976 में पी.सी. जोशी और रीता बहुगुणा जोशी का विवाह हुआ था। पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा की बेटी रीता बहुगुणा के फर्श से अर्श तक के राजनीतिक सफर में पी.सी. जोशी एक साये की तरह उनके साथ रहे। चाहे वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शिक्षण का समय हो या उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़े पद संभालने का दौर, जोशी जी ने हमेशा पर्दे के पीछे रहकर संगठन और परिवार की जिम्मेदारियों को बखूबी संभाला। उनके पुत्र मयंक जोशी भी राजनीति में सक्रिय हैं।

​बौद्धिक जगत में शोक की लहर

पी.सी. जोशी के निधन की खबर फैलते ही प्रयागराज और लखनऊ के सामाजिक व राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित विभिन्न दलों के नेताओं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। लोगों का मानना है कि उनके जाने से प्रयागराज ने एक सच्चा विद्वान और उदार हृदय व्यक्तित्व खो दिया है।