पहली बार विदेशी तय कर रहे हैं भारत की विदेश नीति…अखिलेश यादव का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला

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नई दिल्ली/लखनऊ। समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को केंद्र की मोदी सरकार की विदेश नीति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक पोस्ट के जरिए उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है जब देश की विदेश नीति भारतीय हितों के बजाय विदेशी ताकतों के इशारे पर तय की जा रही है।

​’गुट निरपेक्षता’ बनाम ‘गुट सापेक्षता’

अखिलेश यादव ने भारत की पारंपरिक विदेश नीति का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने देश की दशकों पुरानी ‘गुट निरपेक्षता’ (Non-Alignment) की नीति को तिलांजलि दे दी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “भाजपा ने हमारी परंपरागत ‘गुट निरपेक्षता’ की विदेश नीति की जगह ‘गुट सापेक्षता’ की विदेशी नीति अपना ली है।”

संप्रभुता और आत्मनिर्भरता पर सवाल

सपा प्रमुख ने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि सरकार के इस रवैये के कारण देश की संप्रभुता और आत्मनिर्भरता की नीति अब पराये हाथों में चली गई है। उनका इशारा वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरणों (संभवतः पश्चिम एशिया या रूस-यूक्रेन विवाद) की ओर था, जहाँ विपक्ष लगातार सरकार पर किसी विशेष गुट के दबाव में काम करने का आरोप लगाता रहा है।

सियासी गलियारों में हलचल

​अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक मंचों पर अपनी सक्रियता बढ़ा रहा है। सपा प्रमुख का ‘विदेशी ताकतों द्वारा नीति तय करने’ वाला बयान सीधे तौर पर सरकार की उस छवि पर प्रहार है, जिसमें वह भारत को ‘विश्व गुरु’ और आत्मनिर्भर बनाने का दावा करती है।

​अखिलेश ने स्पष्ट शब्दों में लिखा “हमारी विदेश नीति पहली बार विदेशी तय कर रहे हैं। भाजपा ने संप्रभुता और आत्मनिर्भरता की नीति को पराये हाथों में सौंप दिया है।”