आगरा नगर निगम में यूनीपोल आवंटन में भ्रष्टाचार की आशंका, महापौर हेमलता दिवाकर ने चेतावनी के साथ मांगी फाइलें

स्थानीय समाचार

आगरा: ताजनगरी नगर निगम के विज्ञापन विभाग में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर मेयर हेमलता दिवाकर बेहद आक्रामक रुख में नजर आ रही हैं। शहर में यूनीपोल आवंटन में हो रहे ‘खेल’ और राजस्व के नुकसान को लेकर मेयर ने नगर आयुक्त से सख्त लहजे में जवाब मांगा है। मेयर की इस सख्ती से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

​राजस्व में कमी पर जताई भारी नाराजगी

जानकारी के अनुसार, नगर निगम द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों पर विज्ञापन के लिए यूनीपोल आवंटित किए गए थे। इनमें एलेक्स एजेंसी को 100, प्राइमस एड को 200 और फ्रैंक एजेंसी को 50 स्थान दिए गए थे। मेयर का आरोप है कि आवंटित किए गए स्थानों की संख्या के अनुपात में निगम के खजाने में राजस्व नहीं पहुँच रहा है। मेयर ने आशंका जताई है कि विज्ञापन विभाग और एजेंसियों की मिलीभगत से निगम को वित्तीय चपत लगाई जा रही है।

​फाइलें ‘गायब’ करने पर भड़कीं मेयर

हेमलता दिवाकर ने मामले की गहराई से जांच के लिए सभी संबंधित विज्ञापन एजेंसियों की फाइलें तलब की थीं। हालांकि, कई बार पत्र भेजे जाने के बावजूद अब तक विभाग ने फाइलें उपलब्ध नहीं कराई हैं। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए मेयर ने दो टूक कहा कि फाइलों को जानबूझकर रोका जा रहा है ताकि सच सामने न आ सके।

​मुख्यमंत्री से शिकायत की चेतावनी

मेयर ने नगर प्रशासन को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द ही विज्ञापन से जुड़ी फाइलें उनके पास नहीं पहुँचीं, तो वह सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर पूरे प्रकरण की शिकायत करेंगी। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए और पूछा कि जब टेंडर निरस्त करने के आदेश दिए गए थे, तो उसके बाद समय किसके कहने पर बढ़ाया गया?

​मेयर हेमलता दिवाकर ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार और वित्तीय लापरवाही को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।