नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राहुल गांधी ने चुनावी शुचिता पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि मौजूदा सत्ता ‘जनमत’ से नहीं बल्कि ‘वोट चोरी’ के सहारे टिकी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (X) पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया में सुनियोजित हेरफेर के जरिए सीटें और सरकारें बनाई जा रही हैं।
कांग्रेस नेता ने अपने पोस्ट में गणितीय दावा पेश करते हुए कहा कि लोकसभा में मौजूद भाजपा के 240 सांसदों में से ‘हर छठा सांसद’ कथित तौर पर वोट चोरी के रास्ते सदन तक पहुँचा है। उन्होंने भाजपा के ही चुनावी नारों और शब्दावली का इस्तेमाल करते हुए तीखा तंज कसा और सवाल किया कि “क्या इन्हें बीजेपी की भाषा में ‘घुसपैठिए’ कहना उचित होगा?”
राहुल गांधी ने केवल केंद्र ही नहीं, बल्कि हरियाणा की नवनिर्वाचित सरकार पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने वहां की पूरी सरकार को ‘घुसपैठिया’ करार देते हुए कहा कि वोट चोरी से कभी व्यक्तिगत सीटें चुराई जाती हैं, तो कभी पूरी की पूरी सरकार ही हड़प ली जाती है। उनका इशारा चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में कथित तौर पर की गई धांधली की ओर था।
संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि जो लोग लोकतांत्रिक संस्थाओं को अपनी जेब में रखने का गुमान करते हैं और चुनावी मशीनरी को प्रभावित करते हैं, वे खुद ‘रिमोट कंट्रोल्ड’ हैं।
उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि सत्ता पक्ष को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव से डर लगता है। राहुल के मुताबिक, यदि देश में चुनाव बिना किसी हस्तक्षेप के पूर्णतः निष्पक्ष ढंग से संपन्न हों, तो भाजपा 140 सीटों के आंकड़े को छूने के लिए भी संघर्ष करती नजर आएगी।

