नई दिल्ली/जालंधर: आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद और सदन में पार्टी के नवनियुक्त डिप्टी लीडर अशोक कुमार मित्तल के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार सुबह ईडी की टीमों ने पंजाब के जालंधर और फगवाड़ा स्थित उनके आवास और व्यावसायिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। इस कार्रवाई से पंजाब से लेकर दिल्ली तक के राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है।
LPU और लवली ग्रुप के परिसरों में छानबीन
सूत्रों के मुताबिक, जांच की जद में अशोक मित्तल से जुड़े लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) और लवली ग्रुप के विभिन्न प्रतिष्ठान भी शामिल हैं। ईडी के अधिकारी बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों के साथ परिसरों के भीतर मौजूद हैं और डिजिटल रिकॉर्ड्स, बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
फेमा (FEMA) उल्लंघन का मामला
जानकारी के अनुसार, यह छापेमारी फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के तहत संभावित वित्तीय अनियमितताओं और विदेशी मुद्रा के लेन-देन में कथित गड़बड़ी को लेकर की जा रही है। हालांकि, ईडी ने अभी तक आधिकारिक प्रेस नोट जारी कर इस मामले की पूरी गंभीरता और बरामदगी का खुलासा नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि जांच का दायरा काफी बड़ा हो सकता है।
राजनीतिक प्रतिशोध या भ्रष्टाचार पर प्रहार?
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में अशोक मित्तल को राघव चड्ढा की जगह राज्यसभा में आप का डिप्टी लीडर बनाया गया है। आम आदमी पार्टी ने इस रेड को “राजनीतिक प्रतिशोध” करार देते हुए केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि विपक्ष के नेताओं को डराने के लिए ऐसी कार्रवाइयां की जा रही हैं।
घंटों से जारी है सर्च ऑपरेशन
ईडी की छापेमारी अभी भी जारी है। सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों ने कई लैपटॉप, मोबाइल फोन और महत्वपूर्ण फाइलें कब्जे में ली हैं। आने वाले घंटों में यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस रेड में क्या कुछ संदिग्ध मिला है। फिलहाल, अशोक मित्तल के आवास के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

