आगरा पुलिस की डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक: क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाला गैंग दबोचा

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आगरा: ताजनगरी की साइबर सेल और थाना सदर पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन में क्रेडिट कार्ड धारकों को चूना लगाने वाले एक अंतरराज्यीय संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड देव चौहान सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग फर्जी बैंक प्रतिनिधि बनकर लोगों को उनके रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम (भुनाने) कराने का झांसा देकर लाखों रुपये की चपत लगा रहा था।

​ठगी का ‘मोडस ऑपरेंडी’: एक कॉल और खाता साफ

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गैंग बेहद शातिराना तरीके से काम करता था। गिरोह के सदस्य खुद को नामी बैंकों या क्रेडिट कार्ड कंपनियों का अधिकारी बताकर लोगों को कॉल करते थे। वे पीड़ितों को झांसा देते थे कि उनके हजारों रिवॉर्ड पॉइंट एक्सपायर होने वाले हैं और उन्हें रिडीम कराकर कैश या गिफ्ट वाउचर लिया जा सकता है। जैसे ही पीड़ित उनके झांसे में आकर अपनी जानकारी साझा करता, आरोपी चालाकी से ओटीपी (OTP) हासिल कर लेते और पलक झपकते ही खाते से रकम उड़ा देते थे।

​60 लाख का खुलासा, करोड़ों के संदिग्ध लेन-देन

शुरुआती जांच में पुलिस को 60 लाख रुपये की ठगी के पुख्ता सबूत मिले हैं। गिरोह के नेटवर्क के तार देशभर में फैले हुए थे। जांच में बेंगलुरु की एक महिला से 1.30 लाख रुपये और एक अन्य महिला से 9 हजार रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है। पुलिस को संदेह है कि इस गिरोह ने अब तक करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन किया है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।

​मास्टरमाइंड देव चौहान का नेटवर्क

इस पूरे गिरोह की कमान देव चौहान संभाल रहा था। वही तय करता था कि किसे कॉलिंग करनी है, डेटा कहाँ से आएगा और ठगी की रकम को किन खातों में ट्रांसफर करना है। पुलिस ने गिरोह के कुल 20 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, जिनमें से 10 गिरफ्त में हैं और बाकी फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

​बरामदगी और तकनीकी साक्ष्य

पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाले भारी मात्रा में मोबाइल फोन और सिम कार्ड। ​कई डेबिट कार्ड और आधार कार्ड। ​ठगी की नकदी और डिजिटल ट्रांजेक्शन के दस्तावेज बरामद किए हैं।

​पुलिस की चेतावनी: “सतर्कता ही बचाव है”

आगरा पुलिस ने इस सफल कार्रवाई के बाद आम जनता के लिए एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने अपील की है कि:

​बैंक कभी भी फोन पर ओटीपी, पिन या पासवर्ड नहीं मांगता।

रिवॉर्ड पॉइंट या केवाईसी अपडेट के नाम पर आने वाली अनजान कॉल और लिंक से बचें।

किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन) पर दें।