आगरा की 104 ग्राम पंचायतों में खुलेंगी डिजिटल लाइब्रेरी, ग्रामीण युवाओं को मिलेगी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नई ताकत

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आगरा। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और अवसरों के बीच की खाई को पाटने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार एक ऐतिहासिक पहल करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पंचायती राज विभाग द्वारा आगरा जनपद की 104 ग्राम पंचायतों में अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी खोलने की तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। यह पहल ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सशक्त बनाने का एक बड़ा माध्यम बनेगी।

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी लाइब्रेरी

इन डिजिटल लाइब्रेरी में ग्रामीण युवाओं को केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि कंप्यूटर, हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल लर्निंग टूल्स जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। यह उन छात्रों के लिए वरदान साबित होगी, जो आर्थिक तंगी या दूरी के कारण महंगी कोचिंग या शहरों की लाइब्रेरी तक नहीं पहुंच पाते थे।

डिजिटल लाइब्रेरी का प्राथमिक उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रभावी तैयारी के लिए संसाधन उपलब्ध कराना है। यहां प्रामाणिक लेखकों की पुस्तकों के साथ ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो कंटेंट, क्विज और लगभग 20 हजार डिजिटल शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध होगी, जिससे प्रतिभावान विद्यार्थी अपनी तैयारी को नई ऊंचाई तक ले जा सकेंगे।

प्रति लाइब्रेरी 4 लाख रुपये होंगे खर्च

मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह ने बताया कि प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर लगभग 4 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें 2 लाख रुपये पुस्तकों की खरीद पर, 1.30 लाख रुपये आईटी उपकरणों पर तथा लगभग 7 हजार रुपये आधुनिक फर्नीचर पर व्यय होंगे। लाइब्रेरी का संचालन और प्रबंधन ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव द्वारा किया जाएगा, जबकि सहायक अधिकारी इसकी नियमित निगरानी करेंगे।

यूपी डेस्को के माध्यम से होगी खरीदारी

मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी खोलने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। पुस्तकों के चयन का कार्य समिति द्वारा पूरा कर लिया गया है। सूची में शामिल पुस्तकों की खरीद यूपी डेस्को के माध्यम से पंचायती राज विभाग द्वारा की जाएगी, ताकि पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।

समान अवसर और आत्मनिर्भरता की ओर कदम

उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण युवाओं को शहरी युवाओं की तरह प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण प्रदान करेगी। सरकार की यह योजना केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण युवाओं को रोजगार, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का सशक्त मंच बनेगी। शिक्षा के क्षेत्र में यह कदम ग्रामीण भारत के लिए मील का पत्थर साबित होगा और गांवों के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगा।