लखनऊ: उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुए योगी कैबिनेट के विस्तार के बाद अब विभागों के बंटवारे को लेकर सियासत पूरी तरह गरमा गई है। रविवार (10 मई 2026) को हुए शपथ ग्रहण के छह दिन बाद भी नए मंत्रियों को विभागों का आवंटन न होने पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। शुक्रवार (15 मई) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए सपा प्रमुख ने तंज कसा कि क्या अब मंत्रियों के विभागों का फैसला भी दिल्ली दरबार से होगा?
”क्या विभागों की ‘पर्ची’ भी ऊपर से आएगी?”
अखिलेश यादव ने मंत्रियों के नाम तय होने की प्रक्रिया पर चुटकी लेते हुए लिखा, “उप्र में मंत्रियों के नाम के बाद, अब क्या उनके विभागों की ‘पर्ची’ भी ऊपर से आएगी?” उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्रालयों के बंटवारे में हो रही इस असाधारण देरी की असली वजह सिर्फ यह है कि मलाईदार विभागों की ‘कमीशन-कमाई’ के बंटवारे को लेकर ‘डबल इंजन’ आपस में टकरा रहे हैं।
नये मंत्रियों को बताया ‘बेबस दर्शक’
सपा मुखिया ने नए मंत्रियों की स्थिति पर तरस खाते हुए कहा कि एक लंबे इंतजार के बाद जो नेता मंत्री बने हैं, वे बेचारे तो बस दर्शक दीर्घा में बैठकर गेंद को इधर-उधर जाते देख रहे हैं। भाजपा का यह डबल इंजन बाकी सारे मंत्रियों को ‘डब्बा’ यानी शक्तिहीन कर देता है।
जनता करेगी मंत्रियों की ‘निगरानी’ और ‘सिटिजन जर्नलिज्म’
अखिलेश यादव ने चेताया कि उत्तर प्रदेश की जागरूक जनता ने अब यह ठान लिया है कि नए मंत्रियों को जो भी विभाग मिलेगा, उस पर पैनी नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा, “यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ये नये-नवेले मंत्री जनता की गाढ़ी कमाई से अपने खजाने न भर सकें। इसके लिए कागजी प्रमाण के साथ-साथ ऑडियो और वीडियो सबूत भी इकट्ठे किए जाएंगे ताकि इन भाजपाइयों की पोल खोली जा सके।”
सपा प्रमुख ने आगे कहा कि चूंकि भाजपा ने भ्रष्टाचार रोकने वाले तमाम सरकारी विभागों को बर्बाद कर दिया है, इसलिए अब जनता खुद ‘सोशल मीडिया’ और ‘सिटिजन जर्नलिज्म’ के माध्यम से अपनी टैक्स की कमाई को लूटने से रोकेगी।
”सत्ता में आखिरी बार है भाजपा”
अपने हमले को और धार देते हुए यादव ने दावा किया कि भाजपा अच्छी तरह जानती है कि यह आखिरी बार है जब वे सत्ता में हैं। यही वजह है कि ये लोग दसों हाथों से पैसा बटोरने की फिराक में हैं, लेकिन प्रदेश की जनता उनके इन मंसूबों को कभी कामयाब नहीं होने देगी।


