आगरा। आगरा के ऐतिहासिक पालीवाल पार्क में रविवार को एक विशेष स्वच्छता एवं जन-जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। समाजसेवी डॉ. संजीव गोयल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों, वरिष्ठ नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने भाग लिया। अभियान का मुख्य उद्देश्य पार्क को स्वच्छ बनाना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना था।
’नो प्लास्टिक ज़ोन’ बनाने की पुरजोर मांग
अभियान के दौरान पार्क से प्लास्टिक और पॉलीथिन जैसे गैर-जैविक कचरे को हटाया गया। इस अवसर पर उपस्थित पर्यावरण प्रेमियों ने शासन-प्रशासन से मांग की कि पालीवाल पार्क को तत्काल प्रभाव से ‘नो प्लास्टिक ज़ोन’ घोषित किया जाए। वक्ताओं ने सुझाव दिया कि पार्क में प्लास्टिक के उपयोग पर पूरी तरह रोक लगे और इसके लिए स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
सूखे पत्तों का महत्व: मल्चिंग को मिला समर्थन
वरिष्ठ अधिवक्ता के.सी. जैन ने स्वच्छता के नाम पर पार्क में पेड़ों के नीचे से सूखे पत्तों को हटाने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सूखे पत्ते मिट्टी के लिए ‘प्राकृतिक मल्च’ (Mulch) का कार्य करते हैं, जो नमी बनाए रखने और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में सहायक होते हैं। इन्हें हटाना पर्यावरण असंतुलन का कारण बन सकता है।
वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन की सलाह
सेवानिवृत्त डीएफओ डीपी सिंह ने दिल्ली की तर्ज पर आगरा में भी बागवानी अपशिष्ट प्रबंधन (Horticulture Waste Management) की वकालत की। उन्होंने सुझाव दिया कि जालीदार ढांचों का निर्माण कर सूखे पत्तों से प्राकृतिक कम्पोस्ट (खाद) तैयार की जानी चाहिए, जिससे उसी कचरे का पुनः उपयोग पौधों के पोषण में हो सके।
सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों से अपील की गई कि वे पालीवाल पार्क को केवल मनोरंजन का स्थान न मानकर इसे अपनी अमूल्य धरोहर समझें। असली स्वच्छता प्लास्टिक के कचरे को हटाने में है, न कि प्रकृति के अभिन्न अंगों को नष्ट करने में। अंत में, पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए डीपी सिंह को अंकोल का पौधा भेंट किया गया।
इस आयोजन में किशोर जैन, डॉ. आदित्य राय, डॉ. मानसी राय, अनिल अग्रवाल, संजय अग्रवाल, हेमेन्द्र अग्रवाल और रवि शंकर अग्रवाल सहित अनेक पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।


