ताजनगरी आगरा में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी का विरोध प्रदर्शन सोमवार को उस समय बेहद उग्र रूप ले लिया, जब कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ता उनके विजय नगर स्थित पैतृक आवास के बाहर जा पहुंचे। आवास के बाहर कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और घर के मुख्य गेट व बाहरी दीवार पर स्प्रे पेंट से ‘वोट चोर’ और ‘गद्दार’ जैसे नारे लिख दिए। इसके साथ ही गेट और दीवारों पर कालिख भी पोती गई। इस अप्रत्याशित घटना की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस बल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गया।
सुभाष पार्क से कलेक्ट्रेट तक निकला विरोध मार्च
इससे पहले सोमवार को शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमित सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता सुभाष पार्क में एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं के हाथों में तख्तियां और बैनर थे। यहां से उन्होंने सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च शुरू किया और कलेक्ट्रेट पहुंचे।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर अपनी कड़ी आपत्तियां दर्ज कराईं। पार्टी नेताओं का आरोप था कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और ‘वोट चोरी’ के जरिए देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित किया जा रहा है। इसी मुख्य आधार को लेकर कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। कलेक्ट्रेट के गेट पर पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद कुछ देर तक तीखी नारेबाजी चलती रही। अंत में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
मुखौटा और हथकड़ी पहनाकर किया गया अनोखा विरोध
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी जताने के लिए एक अलग ही तरीका अपनाया। प्रदर्शन में शामिल एक व्यक्ति को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहनाया गया और उसके हाथों में सांकेतिक रूप से हथकड़ी डाली गई। कांग्रेस नेताओं ने इसे चुनाव प्रक्रिया में चल रही कथित अनियमितताओं के विरोध का प्रतीक बताया। सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त को उनके पद से हटाने और पूरी चुनावी प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष व पारदर्शी बनाने की पुरजोर मांग की गई।
विजय नगर आवास पर हंगामा और पुलिस की शुरुआती तैनाती की कमी
कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शन का दूसरा और सबसे चर्चित दौर विजय नगर इलाके में देखने को मिला। कलेक्ट्रेट से कुछ कार्यकर्ता सीधे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास के बाहर जा पहुंचे। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, जब प्रदर्शनकारी आवास के बाहर पहुंचे, उस समय वहां सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती नहीं थी।
कार्यकर्ताओं ने घर के बाहर पहुंचते ही उग्र नारेबाजी शुरू कर दी और कथित तौर पर स्प्रे पेंट से मुख्य गेट व दीवार पर आपत्तिजनक शब्द लिख दिए तथा कालिख पोत दी। इस घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं। घटना की जानकारी मिलने के बाद भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला। पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि इस कृत्य में शामिल सभी कार्यकर्ताओं की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
कांग्रेस का देशव्यापी अभियान और राजनीतिक घमासान
गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक टकराव पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर लगातार सवाल उठाए हैं। निर्वाचन आयोग खुद को एक स्वतंत्र और निष्पक्ष संवैधानिक संस्था के रूप में संचालित होने का दावा करता है, जिसकी वेबसाइट पर 2026 के लिए भी चुनावी सेवाएं उपलब्ध हैं। बहरहाल, आगरा में हुआ यह प्रदर्शन देशव्यापी राजनीतिक अभियान का एक स्थानीय और काफी आक्रामक हिस्सा बन चुका है, जिस पर प्रशासनिक स्तर पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।
