आगरा: उत्तर प्रदेश के ताजनगरी आगरा में संचारी रोगों की रोकथाम और उन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एक महीने तक चलने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान (1 से 31 अक्टूबर 2026) का भव्य आगाज हो गया है। इसी कड़ी में गुरुवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय परिसर से एक विशाल अंतर्विभागीय जागरूकता रैली निकाली गई। रैली का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस दौरान शहर को बीमारियों से सुरक्षित रखने और स्वच्छता का संदेश देने के लिए बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और स्वास्थ्यकर्मी सड़कों पर उतरे।
11 विभागों के समन्वय से संचालित होगा अभियान
इस जागरूकता रैली में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ नगर विकास, पशुपालन, पंचायती राज, समाज कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार, दिव्यांग कल्याण, कृषि, सिंचाई, शिक्षा और सूचना विभाग सहित कुल 11 प्रमुख विभागों के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए। इसके अलावा बड़ी संख्या में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी उत्साहपूर्वक अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
रैली के दौरान अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी व वेक्टर बोर्न डिजीज के नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेश्वर श्रीवास्तव, डॉ. संजीव वर्मा, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, जिला मलेरिया अधिकारी राजेश कुमार गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी कुलदीप भारद्वाज और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रतिनिधि भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
सफाई, फॉगिंग और शुद्ध पेयजल पर रहेगा विशेष फोकस
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने प्रेस को संबोधित करते हुए बताया कि अभियान के दौरान सभी संबंधित विभागों को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। अभियान के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई, तालाबों की सफाई, एंटी लार्वा का छिड़काव और नियमित फॉगिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने, बच्चों को पुष्टाहार देने और विद्यालयों में विद्यार्थियों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ ने यह भी कहा कि अभियान के दौरान सभी दिव्यांग बच्चों को शत-प्रतिशत आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने पर भी जोर रहेगा।
इन प्रमुख बीमारियों पर रहेगा विशेष ध्यान
यह जागरूकता और नियंत्रण अभियान मुख्य रूप से निम्नलिखित संचारी और गंभीर रोगों की रोकथाम के लिए केंद्रित रहेगा:
मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया
इन्फ्लुएंजा, कुष्ठ रोग और टीबी (क्षय रोग)
कुपोषण, फाइलेरिया और कालाजार
मच्छरों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की सलाह
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे मच्छरों के पनपने के स्रोतों को खत्म करें और निम्नलिखित सावधानियां बरतें:
पानी के बर्तन, ड्रम और टंकियों को हमेशा ढककर रखें।
सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर और बर्तनों को पूरी तरह खाली कर सुखा लें।
जहां पानी जमा होने से रोकना संभव न हो, वहां मिट्टी का तेल या जला हुआ मोबिल ऑयल डालें।
सोते समय मच्छर रोधी क्रीम, नीम का तेल या सरसों का तेल शरीर पर लगाएं और मच्छरदानी का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें।
हमेशा पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
बुखार आने पर लापरवाही न बरतें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या स्वास्थ्य कार्यकर्ता से खून की जांच कराएं।
क्या न करें: घर के आसपास टूटे-फूटे बर्तन, पुराने टायर या गमलों/फूलदानों में पानी जमा न होने दें। तेज बुखार होने पर डॉक्टर की सलाह के बिना एस्प्रिन या ब्रूफेन (Aspirin/Brufen) टैबलेट का सेवन बिल्कुल न करें।
