लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बुधवार को हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने जहाँ एक ओर मौसम का मिजाज बदला, वहीं दूसरी ओर खेतों में पककर तैयार खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है। संकट की इस घड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रदेश के अन्नदाताओं के लिए राहत का हाथ बढ़ाया है। सीएम ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों (DM) को ‘अलर्ट मोड’ पर रहने और प्रभावित फसलों का जमीनी सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजने के कड़े निर्देश दिए हैं।
गेहूं, सरसों और दलहन पर कुदरत की मार
बुधवार को हुई तेज बारिश और कई जिलों में गिरे ओलों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर कटाई के लिए तैयार गेहूं, सरसों और दलहन की फसलों को काफी नुकसान पहुँचा है। खेतों में पानी भरने और तेज हवाओं से फसलें बिछ गई हैं, जिससे उनकी गुणवत्ता और पैदावार पर असर पड़ने की आशंका है। सीएम योगी ने साफ किया है कि इस आर्थिक संकट में सरकार पूरी तरह किसानों के साथ खड़ी है।
कागजी नहीं, ‘जमीनी’ सर्वे के निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि नुकसान का आकलन केवल दफ्तरों में बैठकर न हो। उन्होंने स्पष्ट कहा अधिकारी खुद फील्ड में जाकर वास्तविक स्थिति देखें। राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनियां मिलकर संयुक्त सर्वे करें। रिपोर्ट में पारदर्शिता हो ताकि पात्र किसान मुआवजे से वंचित न रहे।
सीधे खाते में जाएगा पैसा, देरी पर होगी कार्रवाई
सीएम योगी ने राहत आयुक्त और प्रमुख सचिव (कृषि) को निर्देशित किया है कि जैसे ही सर्वे रिपोर्ट प्राप्त होगी, मुआवजा वितरण की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर शुरू की जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि मुआवजे के भुगतान में किसी भी तरह की हीलाहवाली या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता है कि राहत राशि सीधे किसानों के बैंक खातों (DBT) में समयबद्ध तरीके से पहुँचे।
संवेदनशीलता के साथ काम करे प्रशासन
प्रशासनिक मशीनरी को एक टीम की तरह काम करने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को अपनी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। जिलाधिकारियों को खुद स्थिति का जायजा लेने और राहत कार्यों की निगरानी करने को कहा गया है। सरकार का लक्ष्य है कि बेमौसम की मार झेल रहे किसान को जल्द से जल्द आर्थिक संबल प्रदान किया जाए।

