कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों का जायजा लेने के लिए भारतीय चुनाव आयोग (ECI) की फुल बेंच कोलकाता पहुंच चुकी है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन सोमवार को काफी गहमागहमी रही। जहाँ एक ओर ज्ञानेश कुमार को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक दलों ने अपनी मांगों का पिटारा आयोग के सामने खोल दिया है।
कालीघाट में पूजा और ‘गो बैक’ के नारे
सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पूजा-अर्चना के लिए कालीघाट मंदिर पहुंचे, लेकिन वहां पहले से मौजूद प्रदर्शनकारियों ने ‘गो बैक’ के पोस्टर दिखाए और काले झंडे लहराए। इससे पहले रविवार को एयरपोर्ट से होटल तक के रास्ते में भी प्रदर्शनकारियों ने ‘लोकतंत्र के हत्यारे’ लिखी टी-शर्ट पहनकर नारेबाजी की थी। कोलकाता पुलिस को प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
BJP का 16 सूत्रीय मांग पत्र: 3 फेज में चुनाव का प्रस्ताव
चुनाव आयोग की फुल बेंच ने सोमवार को विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। भाजपा (BJP) के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग को 16 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। भाजपा की सबसे प्रमुख मांग यह है कि 2026 का विधानसभा चुनाव केवल तीन चरणों (3 Phases) में ही संपन्न कराया जाए।
भाजपा ने हिंसा मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सुझाव दिया कि जिस भी बूथ पर 85% से अधिक मतदान हो, उसे संवेदनशील (Sensitive) माना जाए। जिन क्षेत्रों में पिछले चुनावों के दौरान या बाद में हिंसा का इतिहास रहा है, वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएं।
अप्रैल में हो सकते हैं चुनाव
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों वाली विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल में मतदान की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। बता दें कि 2021 के चुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC ने 215 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था।
आयोग की इस फुल बेंच में ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू, विवेक जोशी और वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं, जो राज्य के सुरक्षा हालात और प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा कर रहे हैं।

