आगरा: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की आहट के बीच रविवार को ताजनगरी का जीआईसी मैदान ‘नीले रंग’ में रंगा नजर आया। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने यहाँ विशाल जनसभा कर अपनी चुनावी ताकत का एहसास कराया। भारी भीड़ के चलते मैदान की रेलिंग तक टेढ़ी हो गई और हालात संभालने में पुलिस के पसीने छूट गए। समर्थकों का दावा है कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के बाद इस मैदान में यह अब तक की सबसे बड़ी रैली है।
300 सीटों का लक्ष्य और ‘मुफ्त’ योजनाओं की बौछार
मंच से हुंकार भरते हुए चंद्रशेखर आजाद ने दावा किया कि यदि शोषित समाज एकजुट हो जाए तो यूपी में 300 सीटें जीतना मुमकिन है। उन्होंने सरकार बनने पर कई लोकलुभावन वादे किए।
शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर कहा गरीबों के लिए मुफ्त उच्च शिक्षा और संपूर्ण मुफ्त इलाज, आउटसोर्सिंग व्यवस्था का अंत, संविदा कर्मियों को पक्की नौकरी या ₹50,000 न्यूनतम वेतन दिया जाएगा। आरक्षण पर बोले पिछड़ों और अति-पिछड़ों को पदोन्नति में आरक्षण और पिछड़ा वर्ग के लिए 15% अलग आरक्षण दिया जाएगा। साथ ही आज़ाद ने कहा कि दलितों और शोषितों पर दर्ज ‘झूठे’ मुकदमों की वापसी की जाएगी।
सरकार पर कड़ा हमला: “सोना 15 लाख पहुँच जाएगा”
महंगाई और कानून-व्यवस्था पर तंज कसते हुए चंद्रशेखर ने कहा, “15 लाख खाते में तो नहीं आए, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़ रहे हैं, सोना 15 लाख तक जरूर पहुँच जाएगा।” उन्होंने यूजीएस (संशोधन) के मुद्दे पर चेतावनी दी कि अगर शोषितों के हक पर डाका डाला गया या संशोधन वापस हुआ, तो पूरा दलित समाज सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा।
भारी अव्यवस्था: धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी
भीड़ का दबाव इतना अधिक था कि प्रशासन की तमाम तैयारियां धरी की धरी रह गईं। मंच पर चढ़ने और नेता की एक झलक पाने की होड़ में कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए। धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी के बीच पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ा। स्थिति बिगड़ती देख खुद चंद्रशेखर आजाद ने माइक संभालकर समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा, “ये भीड़ नहीं, मेरा परिवार है।”
न्यायपालिका और अल्पसंख्यकों को दिया साथ का भरोसा
सांसद ने ईसाई समाज पर हो रहे हमलों और संभल में जज के ट्रांसफर के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने न्यायपालिका को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए अल्पसंख्यकों और दलितों से एकजुट होकर वोट की ताकत दिखाने का आह्वान किया।
समर्थकों का दावा: “ऐतिहासिक रैली”
रैली में पहुंचे समर्थकों ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि जीआईसी मैदान में इतनी बड़ी भीड़ लंबे समय बाद देखने को मिली है। कार्यकर्ताओं का दावा रहा कि इस मैदान को अगर किसी नेता ने पूरी तरह भरा है, तो वह चंद्रशेखर आजाद हैं।

