सावधान! आगरा में ढाई सौ स्कूली बसों की फिटनेस फेल, आरटीओ ने स्कूल प्रबंधनों को दी डेडलाइन

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आगरा: ताजनगरी में स्कूली बच्चों के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए परिवहन विभाग ने आर-पार की जंग छेड़ दी है। संभागीय परिवहन अधिकारी (RTO) अखिलेश कुमार द्विवेदी ने खुलासा किया है कि जिले में 250 से अधिक स्कूली बसों की फिटनेस वैधता समाप्त हो चुकी है। आरटीओ ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि ये बसें सड़कों पर दौड़ती पाई गईं, तो स्कूल प्रबंधन को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।

हादसा हुआ तो सीधे जेल जाएंगे स्कूल प्रबंधक

आरटीओ अखिलेश द्विवेदी ने कड़े लहजे में निर्देशित किया है कि अनफिट बसों के कारण यदि कोई भी अप्रिय घटना होती है, तो समस्त जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन की होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में न केवल स्कूल की मान्यता रद्द (प्रत्याहरण) करने की संस्तुति की जाएगी, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों और प्रबंधकों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा (FIR) भी दर्ज कराया जाएगा।

चेकलिस्ट: इन मानकों पर खरा उतरना जरूरी

​परिवहन विभाग ने स्कूल प्रबंधनों को वाहनों की भौतिक और तकनीकी दशा की नियमित जांच करने के निर्देश दिए हैं। प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

​वाहन की स्थिति: बस का फर्श मजबूत हो, खिड़कियों पर जाली या रॉड सही तरीके से लगी हो।

​दस्तावेज: वाहन के सभी प्रपत्र (इंश्योरेंस, परमिट, फिटनेस) वैध होने चाहिए।

ड्राइवर की जांच: चालक नाबालिग न हो, नशे की हालत में न हो और उसका ड्राइविंग लाइसेंस (DL) वैध होना अनिवार्य है।

​रफ्तार पर लगाम: किसी भी हाल में स्कूली वाहन तीव्र गति से नहीं चलाए जाने चाहिए।

​अभिभावकों से भी आरटीओ की खास अपील

प्रशासन के साथ-साथ आरटीओ ने अभिभावकों की जिम्मेदारी भी तय की है। उन्होंने अपील की है कि माता-पिता अपने बच्चों को बस में बिठाने से पहले खुद भी वाहन की फिटनेस और चालक की स्थिति की जांच करें। यदि बस अनफिट लगे या चालक संदिग्ध हो, तो बच्चों को स्कूल न भेजें और विभाग को सूचित करें।

​आरटीओ के इस कड़े रुख के बाद अब आगरा के स्कूल प्रबंधनों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग जल्द ही सड़कों पर सघन चेकिंग अभियान चलाकर इन 250 अनफिट बसों को सीज करने की कार्रवाई शुरू कर सकता है।