प्रयागराज माघ मेला 2026: संगम की रेती पर भक्ति और शक्ति का महासंग्राम, क्या झुकेगा प्रशासन?

प्रयागराज माघ मेला 2026 में इस बार भक्ति की धारा जितनी तेज नहीं दिख रही, उससे ज्यादा चर्चा विवाद और प्रशासन-संत टकराव की हो रही है। संगम तट पर जहां श्रद्धालु मोक्ष की कामना लेकर पहुंचते हैं, वहीं मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुई घटना ने […]

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विवादों में ‘इक्विटी रेगुलेशंस 2026’: ओबीसी को परिभाषा में शामिल करने पर सामान्य वर्ग में नाराजगी, दुरुपयोग की आशंका को लेकर छिड़ी बहस

नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने के उद्देश्य से “प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस, 2026” लागू कर दिए हैं। इन नियमों को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है और कुछ वर्गों में नाराजगी भी सामने आने लगी है। यूजीसी की नई गाइडलाइंस […]

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​”विचार से डरेगा समाज तो लोकतंत्र कैसे बचेगा?”— मनोज रूपड़ा प्रकरण पर डॉ. प्रियंका सौरभ का बेबाक विश्लेषण

गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित एक साहित्यिक कार्यक्रम के दौरान हिन्दी के वरिष्ठ कथाकार मनोज रूपड़ा के साथ हुआ सार्वजनिक दुर्व्यवहार केवल एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना नहीं है, बल्कि यह हमारे समय के अकादमिक और सांस्कृतिक जीवन में गहराते संकट का स्पष्ट संकेत है। किसी आमंत्रित लेखक को मंच पर अपमानित करना और कार्यक्रम […]

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कड़ाके की ठंड में इलाज की आस: एम्स के बाहर खुले आसमान तले मरीज़ और तीमारदार

नई दिल्ली। सर्दियों की दस्तक के साथ ही राजधानी में रैन बसेरों, अलाव और कंबल वितरण की सरकारी तैयारियां तेज़ हो जाती हैं। हर साल की तरह इस बार भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि अब भी बड़ी संख्या में लोग खुले आसमान के नीचे रातें गुज़ारने को मजबूर हैं। […]

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निगरानी से शोषण तक: सार्वजनिक सीसीटीवी कैमरे अब बनते जा रहे ब्लैकमेलिंग का जरिया

लखनऊ। अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था की निगरानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे अब खुद अपराध का माध्यम बनते दिख रहे हैं। एक्सप्रेसवे, ट्रेनों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर लगे कैमरों की निगरानी कर रहा स्टाफ ही फुटेज का दुरुपयोग कर बदनामी का डर दिखाते हुए ब्लैकमेलिंग कर रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर प्रेम प्रदर्शन […]

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पांच किलोमीटर की ‘लक्ष्मण रेखा’ और न्याय का ‘मोतियाबिंद: बीजेपी पूर्व विधयाक कुलदीप सेंगर रेपिस्ट की सज़ा पर रोक

आज की तारीख में, जब हम और आप अपनी रोजमर्रा की जिंदगी की जद्दोजहद में मसरूफ हैं, दिल्ली हाईकोर्ट के एक फैसले ने भारतीय न्याय व्यवस्था, राजनीतिक रसूख और एक पीड़िता के अंतहीन डर के बीच के रिश्तों को एक बार फिर नंगा कर दिया है। कल अखबारों के पन्नों पर यह खबर एक सामान्य […]

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आगरा पुलिस ने मारते मारते तोड़े दो पैर और पांच डंडे, मानवाधिकार के नियमो को पूछने वाला कोई नही ?

​जब हम आगरा का नाम लेते हैं, तो जेहन में एक ही तस्वीर उभरती है। सफेद संगमरमर की वो इमारत, जिसे दुनिया मोहब्बत की निशानी कहती है। लेकिन आज हम जिस आगरा की बात करने जा रहे हैं, वहां मोहब्बत नहीं, बल्कि खौफ का रंग गहरा है। यह रंग संगमरमर जैसा सफेद नहीं, बल्कि खाकी […]

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आगरा में बीस साल का इंतज़ार: न स्टेडियम मिला, न स्पोर्ट्स कॉलेज को जमीन

आगरा: इसे आगरा का दुर्भाग्य कहा जाए या व्यवस्था की उदासीनता, जहां एक ओर पिछले करीब बीस वर्षों से अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की मांग सरकारी फाइलों में उलझी पड़ी है, वहीं दूसरी ओर शासन से स्वीकृत स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए भी अब तक जमीन तय नहीं हो सकी है। खेलों के विकास की बात करने वाली […]

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नियमों का चश्मा और संवेदनहीन व्यवस्था: जब दृष्टिबाधित बच्चों पर सबसे पहले चला डंडा

आगरा में शिक्षा विभाग ने जब “कानून का चश्मा” पहनने का फैसला किया, तो उम्मीद थी कि अब फर्जी स्कूलों, अवैध कॉलेजों और शिक्षा के नाम पर चल रही दुकानों पर कार्रवाई होगी। लेकिन अफसोस, यह चश्मा भी उसी तरह निकला, जैसा अक्सर हमारे सिस्टम में होता है—कुछ को साफ दिखाने वाला और कुछ को […]

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‘राम के नाम पर गरीबों को सजा’: मनरेगा की जगह नए कानून की तैयारी, गांधी नाम हटाने पर सियासी घमासान

नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को समाप्त कर उसकी जगह नया रोजगार कानून लाने की तैयारी को लेकर सियासी विवाद गहराता जा रहा है। आरोप है कि प्रस्तावित कानून में महात्मा गांधी का नाम हटाया जा रहा है और इसके जरिए राज्यों व गरीबों पर अतिरिक्त बोझ डाला जाएगा। विपक्ष ने इसे “रोजगार के […]

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