युगदृष्टा पंडित जवाहरलाल नेहरू : आधुनिक भारत के शिल्पकार

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री और भारत रत्न से सम्मानित पंडित जवाहरलाल नेहरू आधुनिक भारत के निर्माणकर्ताओं में अग्रणी माने जाते हैं। वे न केवल स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख स्तंभ थे, बल्कि स्वतंत्र भारत की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक संरचना को दिशा देने वाले विश्वमान्य नेता भी थे। उनका जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद के […]

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अख़बारों में बच्चों के लिए जगह कहाँ?—खाली पन्नों पर बचपन की उपेक्षा का सवाल…

रविवार की सुबह बेटे प्रज्ञान को गोद में लेकर अख़बार से कोई रोचक बाल-कहानी पढ़ाने की इच्छा अधूरी रह गई। किसी भी प्रमुख अख़बार में बच्चों के लिए एक भी रचना नहीं थी। समाज बच्चों को पढ़ने के लिए कहता है, पर उन्हें पढ़ने को क्या देता है? यह संपादकीय हमारे समाचार पत्रों की बच्चों […]

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मुस्कुरा रही है स्टैच्यू ऑफ़ लिबर्टी: नफरत के खिलाफ जनता का फैसला

न्यूयॉर्क बंदरगाह के सामने खड़ी स्टैच्यू ऑफ़ लिबर्टी ट्रंपियन अमेरिका की हार की घोषणा कर रही है। न्यूयॉर्क मेयर के चुनाव में जोहरान ममदानी की जीत मोदीयन इंडिया की हार की भी घोषणा है, क्योंकि ममदानी के चुनाव प्रचार में ट्रंप के लंगोटिया मित्र मोदी की आलोचना भी शामिल थी। अब मोदी और ट्रंप दोनों […]

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विदेश की चाह में बर्बादी का रास्ता: कैसे ‘डंकी रूट’ निगल रहा है भारतीय युवाओं का भविष्य

विदेश में सुनहरे भविष्य के लालच में, भारतीय युवा अवैध रास्तों के शिकार बन रहे हैं। एजेंटों का यह नेटवर्क न केवल कानून तोड़ रहा है, बल्कि परिवारों की उम्मीदों और देश के भविष्य को भी चुरा रहा है। ‘डंकी रूट’ एक अवैध प्रवासन मार्ग है, जिसके ज़रिए भारतीय युवा बिना वीज़ा या वैध दस्तावेजों […]

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लेखक गाँव: शब्दों की साधना और सृजन का हिमालय

3 से 5 नवम्बर 2025 को थानो (देहरादून) में होगा “स्पर्श हिमालय महोत्सव” — जहाँ साहित्य, संस्कृति और प्रकृति का संगम रचेगा नई सृजनगाथा उत्तराखंड की वादियों में बसा थानो गाँव आज साहित्य और संस्कृति की नई पहचान बन चुका है। यह वही भूमि है जहाँ शब्दों की साधना और सृजन की ऊर्जा एक साथ […]

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मासूम चेहरे, संगठित शोषण: भीख मंगवाने की अंधेरी दुनिया…

मासूम बच्चों का शोषण समाज की गंभीर समस्या बन चुका है। भीख मंगवाना केवल गरीबी का नतीजा नहीं, बल्कि बच्चों की मासूमियत का फायदा उठाने वाला व्यवस्थित व्यवसाय है। लोग दया के भाव में पैसा देते हैं, जबकि बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रभावित होते हैं। समाज, सरकार और नागरिकों को मिलकर जागरूकता फैलानी […]

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खामोशी का असर: परिवार और समाज पर संवादहीनता का बोझ

आज के व्यस्त और डिजिटल जीवन में संवादहीनता परिवार और समाज की बड़ी चुनौती बन गई है। बातचीत की कमी भावनात्मक दूरी, गलतफहमियाँ और मानसिक तनाव बढ़ाती है। परिवार में बच्चे और बड़े एक-दूसरे की भावनाओं को साझा नहीं कर पाते, जबकि समाज में सहयोग और सामूहिक प्रयास कमजोर पड़ते हैं। इसका समाधान नियमित संवाद, […]

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दीपोत्सव 2025: इस तरह के विश्व रिकॉर्ड्स का क्या किया जाए?

उत्तर प्रदेश में दीपोत्सव की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई थी, जब केवल 1.71 लाख दीये जलाए गए थे। तब से हर वर्ष यह आयोजन और भव्य होता गया है, और 2025 में इसकी संख्या बढ़कर 26.17 लाख तक पहुंच गई। अयोध्या में इस वर्ष दीपोत्सव 2025 में राम की पैड़ी और सरयू नदी के […]

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समाज सेवा विशेष: कुर्सी नहीं, भरोसे की राजनीति… रमेश वर्मा का सफ़र

भिवानी के गाँव बड़वा में जन्में रमेश वर्मा की राजनीतिक यात्रा एक ऐसे जननेता की कहानी है जिसने सत्ता नहीं, सेवा को साधन बनाया। चार दशक से अधिक समय में उन्होंने पंचायत से लेकर विधानसभा तक अपनी पहचान ईमानदारी, पारदर्शिता और जनसेवा से बनाई। गांवों में विकास, महिलाओं का सशक्तिकरण और युवाओं को दिशा देने […]

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गोवर्धन पूजा: भक्ति सिर्फ़ तस्वीर नहीं, धरती और जीवन के प्रति कृतज्ञता का संदेश

गोवर्धन पूजा केवल भगवान कृष्ण का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, गाय और धरती के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। यह हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति दिखावे में नहीं, संवेदना में है। आज जब पूजा इंस्टाग्राम की तस्वीर बन चुकी है और गोबर की जगह प्लास्टिक ने ले ली है, तब ज़रूरत है श्रद्धा के […]

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