आगरा के जगदीशपुरा में दुकान और प्लॉट खाली कराने को लेकर विवाद: भाजयुमो नेता समेत 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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आगरा: जनपद के जगदीशपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक दुकान और प्लॉट को खाली कराने को लेकर चल रहे पुराने विवाद ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के एक स्थानीय नेता समेत कुल 12 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह शिकायत सर्वेश कुमार शाक्य की ओर से दर्ज कराई गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि 11 लाख रुपये की एडवांस रकम वापस न किए जाने को लेकर उपजे विवाद के बाद आरोपियों ने उनके कार्यालय और कंपनी में पहुंचकर हंगामा किया तथा अभद्र व्यवहार किया।

शिकायत में यह भी गंभीर आरोप लगाया गया है कि कार्यालय की दीवार तोड़कर अंदर रखे कंप्यूटर, कैमरे, लैपटॉप और अन्य कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ-साथ नकदी और जरूरी कागजात भी जबरन उठा ले जाए गए।

इस पूरे प्रकरण में सबसे खास बात यह चर्चा का विषय बनी हुई है कि इस मामले में नामजद किए गए भाजयुमो नेता इन दिनों देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में काशी से वडनगर तक निकाली जा रही ‘सेवा संकल्प बाइक यात्रा’ में बतौर प्रतिभागी शामिल हैं। यह यात्रा 17 सितंबर से शुरू होकर वडनगर तक जानी है और यह भाजयुमो के राष्ट्रव्यापी सेवा संकल्प अभियान का एक प्रमुख हिस्सा है।

11 लाख रुपये के एडवांस को लेकर बढ़ा विवाद

शिकायतकर्ता सर्वेश कुमार शाक्य के अनुसार, दुकान और प्लॉट को खाली कराने के मसले को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी समय से खींचतान चल रही थी। आरोप है कि लेनदेन के तहत 11 लाख रुपये बतौर एडवांस दिए गए थे, लेकिन जब वह रकम वापस नहीं की गई, तो दोनों पक्षों के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया। इसी तनातनी के चलते कई लोग कार्यालय और कंपनी परिसर में पहुंचे और वहां जमकर विवाद करते हुए अमर्यादित व्यवहार किया। शिकायतकर्ता का मुख्य आरोप है कि इस दौरान कार्यालय की दीवार को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और अंदर रखा सारा कीमती सामान बाहर निकाल लिया गया।

​कंप्यूटर, लैपटॉप और नकदी ले जाने का आरोप

दर्ज कराई गई एफआईआर में विस्तार से आरोप लगाया गया है कि कार्यालय एवं कंपनी के भीतर से कंप्यूटर, कैमरे, लैपटॉप और अन्य तमाम इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के अलावा नकदी व महत्वपूर्ण दस्तावेज भी चुरा लिए गए या जबरन ले जाए गए।

पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कुल 12 लोगों को नामजद किया है, जिसमें संबंधित भाजयुमो नेता का नाम भी शामिल है। पुलिस ने शिकायत मिलते ही मामला दर्ज कर अपनी विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस की इस जांच के दौरान विवाद की असल वजह, घटना के वक्त मौके पर मौजूद लोगों की व्यक्तिगत भूमिका, कथित तौर पर उठाए गए सामान की बरामदगी और अन्य सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जाएगी।

भाजयुमो महानगर अध्यक्ष पद की दौड़ में भी चर्चा

एफआईआर में नाम आने के कारण यह पूरा मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है। आरोपी नेता की राजनीतिक सक्रियता अच्छी-खासी है और वह वर्तमान में काशी से वडनगर तक चल रही सेवा संकल्प यात्रा का हिस्सा हैं। इसके अलावा, संगठन के भीतर होने वाले आगामी फेरबदल को लेकर उनका नाम भाजयुमो के महानगर अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों में भी लिया जा रहा है।

हालांकि, किसी सांगठनिक पद के लिए दावेदारी पेश करना और पुलिस मुकदमे में नामजद होना दो अलग-अलग विषय हैं। मुकदमे में लगाए गए इन तमाम आरोपों की सत्यता और पुष्टि केवल पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है।