लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सत्ता पक्ष और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ हुई एफआईआर (FIR) को लेकर तीखा हमला बोला। अखिलेश ने जगतगुरु रामभद्राचार्य का नाम लेते हुए बेहद कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “मुझसे बड़ी गलती हुई जो मैंने रामभद्राचार्य पर दर्ज मुकदमा वापस ले लिया। मुझे उसी समय उन्हें जेल भेज देना चाहिए था।”
“विचारों की लड़ाई में इस स्तर तक गिरना ठीक नहीं”
अखिलेश यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे यौन शोषण के आरोपों को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि वैचारिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन आप किसी को अपमानित करने के लिए इस स्तर तक गिर जाएंगे, यह कल्पना से परे है। उन्होंने कहा कि देश के पौराणिक इतिहास में आज तक किसी शंकराचार्य को इस तरह अपमानित नहीं किया गया।
‘खुला ऑफर’: 100 विधायक लाओ और मुख्यमंत्री बन जाओ
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए प्रदेश के दोनों डिप्टी सीएम (केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक) पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “दोनों का ही मन मुख्यमंत्री बनने का है। मैं उन्हें खुला ऑफर देता हूँ कि 100 विधायक ले आइए और सपा के समर्थन से सीएम बन जाइए। यह ऑफर सीमित समय के लिए है।”
ब्रजेश पाठक पर ‘डैमेज कंट्रोल’ का आरोप
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक द्वारा बटुकों की शिखा पूजा करने पर तंज कसते हुए सपा प्रमुख ने कहा, “यह सिर्फ दिखावा और डैमेज कंट्रोल है। जब कड़ाके की सर्दी में शंकराचार्य माघ मेले में धरने पर बैठे थे, तब यह लोग कहाँ थे? एक बार जाकर उनका हाल क्यों नहीं जाना?” उन्होंने दोहराया कि यह पहली बार है जब किसी शंकराचार्य को बिना स्नान किए वापस जाना पड़ा।
सीएम के जापान दौरे पर तंज: “क्योटो नहीं गए तो बनारस को कैसे समझेंगे?”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगामी जापान दौरे को लेकर भी अखिलेश ने चुटकी ली। उन्होंने कहा, “सुना है मुख्यमंत्री जी जापान जा रहे हैं, लेकिन क्योटो नहीं जा रहे। अब बिना क्योटो जाए उन्हें कैसे पता चलेगा कि उनका बनारस क्योटो बना या नहीं?”

