आगरा में ‘ब्रेकिंग बैड’ जैसा खुलासा: 12वीं का केमिस्ट्री टीचर निकला ड्रग्स का ‘किंगपिन’, घर में बना रहा था MD

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आगरा। ताजनगरी के खंदौली क्षेत्र में पुलिस और नारकोटिक्स विभाग ने एक ऐसी ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। यहाँ एक 12वीं कक्षा का केमिस्ट्री शिक्षक अपने ज्ञान का इस्तेमाल छात्रों को पढ़ाने के बजाय ‘सिंथेटिक ड्रग्स’ बनाने में कर रहा था। पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर उसके पास से एमडी (MDMA) बनाने का भारी जखीरा बरामद किया है।

किराए के कमरे में चल रहा था मौत का खेल

पकड़ा गया आरोपी मनोज कुमार मूल रूप से फिरोजाबाद का रहने वाला है। वह आगरा में एक किराए का मकान लेकर गुपचुप तरीके से ड्रग्स बनाने की लैब चला रहा था। खंदौली पुलिस और नारकोटिक्स विभाग की संयुक्त टीम ने जब मुखबिर की सूचना पर छापेमारी की, तो अंदर का नजारा देख अधिकारी भी हैरान रह गए। कमरे के भीतर किसी प्रोफेशनल लैब की तरह उपकरण और रसायनों का अंबार लगा था।

बरामद हुआ केमिकल का जखीरा

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में प्रतिबंधित और खतरनाक रसायन इनमें मिथाइल अमीन और हाइड्रोब्रोमिक एसिड, एथिल एसीटेट और एसीटोन, डिस्टिल्ड वाटर और एमडीएमए बनाने का रॉ मटेरियल बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, मनोज अपनी केमिस्ट्री की विशेषज्ञता का फायदा उठाकर इन रसायनों के सटीक मिश्रण से हाई-क्वालिटी सिंथेटिक ड्रग्स तैयार करता था।

​आसपास के जिलों में थी सप्लाई की तैयारी

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी तैयार ड्रग्स को आगरा के साथ-साथ आसपास के जिलों और बड़े शहरों में सप्लाई करने की फिराक में था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस ‘ड्रग्स नेटवर्क’ में और कौन-कौन से सफेदपोश या अपराधी शामिल हैं। क्या मनोज किसी बड़े सिंडिकेट के लिए काम कर रहा था या वह खुद ही इस काले कारोबार का मास्टरमाइंड है?

​एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई

खंदौली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह आगरा में सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाहियों में से एक है। इस खुलासे के बाद शिक्षा जगत में भी इस ‘कलयुगी गुरु’ के कारनामों की थू-थू हो रही है।