आगरा। कम पानी में पनपने वाले बोगेनविलिया के रंग-बिरंगे फूल आगरा जैसे गर्म और शुष्क शहर में हरियाली बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मददगार साबित हो सकते हैं। हॉर्टिकल्चर क्लब, आगरा की ओर से वर्डेंट एकर्स में लगी भव्य बोगेनविलिया प्रदर्शनी में तीन हजार से अधिक पौधों और इसकी 18 प्रजातियों ने लोगों का ध्यान खींचा।
कार्यक्रम में फ्लोरीकल्चर के क्षेत्र में योगदान के लिए डॉ. बी.के. बैनर्जी और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए डॉ. सुदीपा घोष को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया गया। पर्यावरणविद् बृज खंडेलवाल ने शहर में कम पानी में पनपने वाले पौधों के व्यापक रोपण पर जोर दिया।
प्रदर्शनी का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. बी.के. बैनर्जी और डॉ. सुदीपा घोष ने किया। विख्यात पर्यावरणविद् बृज खंडेलवाल और प्रख्यात अर्थशास्त्री वेद प्रकाश त्रिपाठी ने फीता काटकर इसका उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में बोगेनविलिया की अलग-अलग किस्मों के पौधे सजाए गए, जिन्हें देखकर अतिथियों ने खुशी जताई।
उत्कृष्ट योगदान के लिए दो हस्तियों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
हॉर्टिकल्चर क्लब, आगरा ने डॉ. बी.के. बैनर्जी को पुष्प कृषि में उनके उत्कृष्ट योगदान और डॉ. सुदीपा घोष को शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया। डॉ. बैनर्जी ने प्रदर्शनी में बोगेनविलिया की विभिन्न प्रजातियों की खासियतें बताईं।
उन्होंने बताया कि उत्परिवर्तन प्रजनन और संकरण तकनीकों से बोगेनविलिया की कई नई और आकर्षक किस्में विकसित की गई हैं, जिनमें पल्लवी वैरिगेटा, लॉस बानोस वैरिगेटा, महार वैरिगेटा और पिक्सी वैरिगेटा प्रमुख हैं।
कम पानी में पनपता है बोगेनविलिया, आगरा के लिए उपयोगी
प्रदर्शनी के समन्वयक और प्रकृतिविद् डॉ. मुकुल पांडेय ने बोगेनविलिया के इतिहास और उसकी अलग-अलग प्रजातियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह पौधा कम पानी में भी जीवित रहता है और गर्म जलवायु में अच्छी तरह पनपता है। इसकी कुछ प्रजातियों के आयुर्वेदिक उपयोग भी बताए जाते हैं।
डॉ. पांडेय के अनुसार, सूखा सहने की क्षमता, तेज बढ़त और घनी पत्तियां बोगेनविलिया को शहरी हरियाली के लिए उपयोगी बनाती हैं। आगरा जैसे गर्म और शुष्क इलाकों में कम पानी के साथ हरियाली विकसित करने का यह अच्छा विकल्प हो सकता है।
वायु प्रदूषण से मुकाबले के लिए पौधरोपण पर जोर
रिवर कनेक्ट कैंपेन से जुड़े पर्यावरणविद् बृज खंडेलवाल ने कहा कि आगरा की गर्म और शुष्क जलवायु को देखते हुए यहां बोगेनविलिया जैसी प्रजातियों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिलना चाहिए। कम पानी और कम देखभाल में पनपने वाले पौधे शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने में मददगार हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे पौधों का व्यापक रोपण शहर की सुंदरता बढ़ाने के साथ पर्यावरण सुधार के प्रयासों में भी योगदान दे सकता है। शहरी हरियाली बढ़ाने के लिए स्थानीय जलवायु के अनुकूल पौधों का चयन और उनका उचित रखरखाव जरूरी है।
वार्षिक प्रतियोगिता में कंचन आहूजा प्रथम
हॉर्टिकल्चर क्लब, आगरा की वार्षिक बोगेनविलिया प्रतियोगिता में श्रीमती कंचन आहूजा ने प्रथम पुरस्कार जीता। श्रीमती वीना सचदेवा और श्रीमती अनीता गुजराल को संयुक्त रूप से द्वितीय और श्री राम कुमार अग्रवाल को तृतीय पुरस्कार मिला।
कार्यक्रम में श्रीमती लवली कठूरिया, श्रीमती डेज़ी गुजराल, श्रीमती रेनू भगत, श्रीमती दीपिका त्यागी और कर्नल अपूर्व त्यागी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। प्रदर्शनी ने पुष्प प्रेमियों को बोगेनविलिया की विविध प्रजातियां करीब से देखने और शहरी हरियाली में उनकी उपयोगिता समझने का मौका दिया।
