आगरा में यूजीसी की नई व्यवस्था के खिलाफ उबाल: ट्रैक्टर मार्च रोकने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प, धक्का-मुक्की

स्थानीय समाचार

आगरा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की नई व्यवस्था के विरोध में शुक्रवार को ताजनगरी आगरा का माहौल खासा गरमाया रहा। एत्मादपुर थाना क्षेत्र के संवई गांव में प्रस्तावित ट्रैक्टर मार्च को लेकर सुबह से ही पुलिस और प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद और अलर्ट मोड पर नजर आया। गांव से बमुश्किल 200 मीटर आगे बढ़े लगभग एक हजार युवाओं को पुलिस और पीएसी (PAC) के जवानों ने मजबूत बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया।

कलेक्ट्रेट का घेराव करने की जिद पर अड़े उग्र प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की में तब्दील हो गई। इसके बाद पुलिस ने आक्रामक रुख अपनाते हुए प्रदर्शनकारियों को खदेड़कर वापस गांव की ओर धकेल दिया। दोपहर तक मौके पर दोनों पक्ष आमने-सामने डटे रहे और तनाव का माहौल बना रहा।

​ट्रैक्टर मार्च का ऐलान और समर्थन वापसी की अपील

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ‘सिस्टम सुधार संगठन’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंशुमान ठाकुर के आह्वान पर संवई से आगरा कलेक्ट्रेट तक एक विशाल ट्रैक्टर मार्च निकालने की घोषणा की गई थी। इस आंदोलन को भारतीय किसान यूनियन (भानु) के साथ-साथ क्षत्रिय समाज के कुछ स्थानीय पदाधिकारियों और ग्रामीणों का समर्थन भी हासिल हुआ था। हालांकि, गुरुवार को ही कई समर्थक संगठनों और गणमान्य लोगों ने युवाओं के उज्जवल भविष्य और पूर्व के आंदोलनों में दर्ज मुकदमों का हवाला देते हुए इस आंदोलन से अपना हाथ खींच लिया था। उन्होंने युवाओं से अपील की थी कि वे इस प्रदर्शन में शामिल न हों। यहाँ तक कि भारतीय किसान यूनियन भानु ने भी आधिकारिक तौर पर अपना कार्यक्रम स्थगित करने का ऐलान कर दिया था।

इन तमाम अपीलों के बावजूद, अंशुमान ठाकुर देर रात तक अपने रुख पर कायम रहे और हर हाल में ट्रैक्टर मार्च निकालने की बात पर अड़े रहे। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए पुलिस और प्रशासन ने किसी भी संभावित उपद्रव या टकराव को टालने के लिए गुरुवार रात से ही कमर कस ली थी। पुलिस टीमों ने घर-घर और गांव-गांव जाकर लोगों से सीधा संवाद किया। बुजुर्गों और युवाओं से कानून को अपने हाथ में न लेने की पुरजोर अपील की गई। शुक्रवार तड़के चार बजे से ही पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।

200 मीटर की दूरी पर ही रोक दिया गया मार्च

शुक्रवार की सुबह संवई गांव से बड़ी संख्या में युवा अपने-अपने ट्रैक्टर लेकर आगरा की तरफ कूच करने के लिए निकले। ग्रामीण इलाके से बाहर आकर वे अभी बमुश्किल 200 मीटर ही आगे बढ़ पाए थे कि पहले से ही तैनात भारी पुलिस बल और पीएसी ने रास्तों को सील कर दिया। ट्रैक्टरों के पहियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग के साथ-साथ क्रेन तक तैनात की गई थी। प्रदर्शनकारी हर हाल में कलेक्ट्रेट तक पहुंचने की मांग पर अड़े रहे, जबकि पुलिस उन्हें समझाने और रोकने में जुटी थी। इसी जद्दोजहद के दौरान दोनों पक्षों में नोंकझोंक बढ़ गई और बात धक्का-मुक्की तक पहुंच गई।

पुलिस बल की सक्रियता के आगे प्रदर्शनकारियों को पीछे हटना पड़ा। काफी दूर तक खदेड़ने के बाद पुलिसकर्मी वापस बैरियर पर लौट आए, हालांकि सड़क किनारे और आसपास बड़ी संख्या में ट्रैक्टर खड़े रहे और प्रदर्शनकारी रुक-रुक कर दोबारा एकजुट होने का प्रयास करते रहे।

​एत्मादपुर से लेकर शहर तक छावनी में बदला इलाका

​प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने आगरा की ओर आने वाले सभी मुख्य मार्गों पर कड़े सुरक्षा घेरे तैयार कर दिए थे। आंवलखेड़ा और बरहन की तरफ से आने वाले यातायात को डायवर्ट कर रोका गया। एत्मादपुर, कुबेरपुर और रामबाग जैसे संवेदनशील और व्यस्त चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इसके अलावा, आसमान से ड्रोन कैमरों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी गई। डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार ने खुद मौके पर पहुंचकर सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। एहतियात के तौर पर कुछ प्रमुख किसान नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद किए जाने की भी सूचना है, ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो।

कालिंदी विहार में करणी सेना का प्रदर्शन

​एक तरफ जहां संवई में ट्रैक्टर मार्च को लेकर खींचतान जारी थी, वहीं दूसरी ओर आगरा के कालिंदी विहार क्षेत्र में भी शुक्रवार सुबह यूजीसी की नई व्यवस्था के विरोध में जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। सीएनजी पंप के पीछे सुबह करीब साढ़े दस बजे करणी सेना के प्रदेश महामंत्री दिनेश जादौन के नेतृत्व में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के कारण मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस प्रदर्शन में केवल युवा ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी हाथों में तख्तियां लेकर शामिल हुए।

​प्रदर्शनकारियों ने ‘यूजीसी रोल बैक करो’ और ‘काला कानून वापस लो’ के नारों के साथ-साथ ‘इंकलाब जिंदाबाद’, ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के गगनभेदी नारे लगाए।

घटना की सूचना मिलते ही ट्रांस यमुना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सूझबूझ दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को शांत कराया। दोपहर करीब 12 बजे प्रदर्शनकारियों के लौटने के बाद यातायात सुचारू हो सका।

इस प्रदर्शन में करणी सेना के युवा प्रदेश अध्यक्ष करण ठाकुर, प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्गेश सिसोदिया, विशाल उपाध्याय, ललित जादौन, मोहित सिकरवार, रोहित सिकरवार, गौरव ठाकुर, उदय ठाकुर, गोलू पंडित, मोहन उपाध्याय और हिमांशु ठाकुर समेत कई लोग प्रमुख रूप से मौजूद रहे।