छात्र आंदोलन पर भाजपा सांसद कंगना रनौत का बयान बना मुसीबत: आगरा में पुलिस कमिश्नर को सौंपा गया शिकायत पत्र, सख्त कार्रवाई की मांग

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आगरा। नीट (NEET) और अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं के विरुद्ध भाजपा सांसद एवं फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस संबंध में राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने पुलिस कमिश्नर और प्रभारी निरीक्षक, थाना न्यू आगरा को शिकायत पत्र भेजकर सांसद के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

​शिकायत का आधार

अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने अपने पत्र में कहा है कि देश में बार-बार हो रहे पेपर लीक के कारण करोड़ों छात्रों का भविष्य अंधकारमय है। इसी से आहत होकर छात्रों ने जंतर-मंतर, नई दिल्ली में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया था। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और पेलेट गन का इस्तेमाल हुआ, जिसमें कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए। बाद में बढ़ते जनाक्रोश के कारण केंद्र सरकार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना पड़ा।

​क्या है कंगना रनौत पर आरोप?

शिकायतकर्ता का कहना है कि हिमाचल की मंडी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने 28 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया (इंस्टाग्राम) पर आंदोलनकारी छात्रों के विरुद्ध अत्यंत अभद्र टिप्पणी की। अधिवक्ता शर्मा के अनुसार, सांसद ने छात्रों के वीडियो को ‘गंदगी’, ‘कचरा’ और ‘भद्दापन’ करार दिया। पत्र में उल्लेख किया गया है कि सांसद ने छात्रों के व्यवहार को ‘कॉकरोच’ के समान बताया और कहा कि ऐसे वीडियो देखकर उन्हें ‘उबकाई’ आती है।

​राष्ट्रद्रोह की धाराओं में कार्रवाई की मांग

अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने कहा है कि कंगना रनौत का यह बयान अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय है, जिसने न केवल छात्रों बल्कि पूरे देशवासियों की भावनाओं को आहत किया है। उन्होंने इस बयान को राष्ट्र विरोधी एवं अपमानजनक करार देते हुए मांग की है कि कंगना रनौत के विरुद्ध मानहानि और राष्ट्रद्रोह (राजद्रोह) जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

शिकायत पत्र की प्रतियां अलग-अलग डाक एवं ईमेल के माध्यम से पुलिस के उच्चाधिकारियों को भेज दी गई हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।