आगरा। नेशनल चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सभागार में सोमवार को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की विभिन्न योजनाओं, गुणवत्ता मानकों, गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (QCO) और प्रमाणन प्रक्रिया पर केंद्रित एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम में स्थानीय उद्योगों को BIS प्रमाणन, MSME क्षेत्र के लिए उपलब्ध रियायतों, तकनीकी सहयोग और मानकों के अनुपालन के साथ-साथ ‘क्वालिटी इंडिया–आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
बैठक में उद्योगों में गुणवत्ता संस्कृति को बढ़ावा देने, अधिक से अधिक उद्यमियों को BIS प्रमाणन से जोड़ने तथा आगरा में टेस्टिंग लैब व लाइसेंस सहायता शिविर जैसी सुविधाओं की स्थापना पर गहन चर्चा हुई।
गुणवत्ता और सुरक्षा ही सफलता का आधार
कार्यक्रम की अध्यक्षता चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने की। बैठक में भारतीय मानक ब्यूरो, नोएडा शाखा के सीनियर डायरेक्टर एवं प्रमुख कौशिक दत्ता, उपनिदेशक मोहम्मद अफसर इमाम तथा वैज्ञानिक-सी नीरज कुमार ने BIS की योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संयोजन बिजनेस डेवलपमेंट एंड एजुकेशन प्रकोष्ठ के चेयरमैन अपूर्व मित्तल ने किया, जबकि संचालन उपाध्यक्ष अंबा प्रसाद गर्ग द्वारा किया गया।
चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने बताया कि आगरा के अधिकांश उद्योग माइक्रो सेक्टर के हैं, जहाँ उद्यमी सीमित संसाधनों में ही कार्य करते हैं। प्रक्रिया की जटिलता के कारण कई उद्योग प्रमाणन से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने जूता, आभूषण और फाउंड्री उद्योगों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रमों तथा चैम्बर परिसर में ही विशेषज्ञों के साथ लाइसेंस शिविर आयोजित करने की मांग की, ताकि उद्यमियों को दस्तावेज और प्रक्रिया की सही जानकारी मिल सके।
उन्होंने आगरा में BIS टेस्टिंग लैब स्थापित करने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे उद्योगों का समय और लागत दोनों बचेंगे। उन्होंने जोर दिया कि BIS मानकों का पालन न केवल उत्पादों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ाएगा, बल्कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी आगरा के उद्योगों की भागीदारी सुनिश्चित करेगा।
गुणवत्ता नियंत्रण और MSME को प्रोत्साहन
BIS के सीनियर डायरेक्टर कौशिक दत्ता ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में लगभग 24 हजार भारतीय मानक लागू हैं और लाइसेंस आवेदन के बाद 30 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूर्ण करने का लक्ष्य रहता है। उन्होंने गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (QCO) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य निम्न गुणवत्ता वाले उत्पादों पर रोक लगाकर उपभोक्ताओं को सुरक्षित उत्पाद उपलब्ध कराना है। इससे उत्पादन लागत में कमी और निर्यात के नए अवसर भी प्राप्त होते हैं।
BIS उपनिदेशक मोहम्मद अफसर इमाम ने बताया कि सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों (MSME) के लिए प्रमाणन शुल्क में रियायत, तकनीकी मार्गदर्शन और विशेष सहयोग उपलब्ध है, ताकि छोटे उद्योगों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।
बैठक के अंत में पूर्व अध्यक्ष अमर मित्तल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल, उपाध्यक्ष नितेश अग्रवाल व अंबा प्रसाद गर्ग, कोषाध्यक्ष विनय मित्तल, पूर्व अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल, अमर मित्तल, अशोक कुमार गोयल, राजकुमार भगत, संजय अरोड़ा, सुनील सिंघल, देवेंद्र गोयल, योगेश सिंघल, राकेश सिंघल, चंद्रवीर सिंह फौजदार, अंबुज गोयल, प्रशांत अग्रवाल, अमित, शिशिर गुप्ता, संजीव अग्रवाल, रवि मित्तल, लक्ष्मी नारायण, नितिन जैन, केशव सिंघल, हर्षित अग्रवाल, शोभित अग्रवाल, अमित बंसल, सतीश अग्रवाल, अभिजीत धवन, मुकेश शर्मा, अपूर्व मित्तल, जयकिशन गुप्ता, राजेश अग्रवाल सहित शहर के बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित रहे।


