आगरा में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई: पंजीकरण निरस्त होने के बावजूद चल रहे ‘सागर हॉस्पिटल’ के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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आगरा: ताजनगरी आगरा में अवैध रूप से और नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे अस्पतालों और नर्सिंग होम के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने अब बेहद सख्त रुख अपना लिया है। इसी कड़ी में थाना एकता क्षेत्र के अंतर्गत संचालित ‘सागर हॉस्पिटल’ के खिलाफ बिना किसी वैध पंजीकरण के अस्पताल चलाने के गंभीर आरोप में पुलिस ने आधिकारिक मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह बड़ी कार्रवाई मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) की तरफ से दी गई औपचारिक शिकायत के आधार पर अमल में लाई गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग को लगातार यह गोपनीय सूचना मिल रही थी कि सागर हॉस्पिटल का आधिकारिक पंजीकरण पहले ही निरस्त किया जा चुका है, इसके बावजूद धड़ल्ले से अस्पताल के भीतर मरीजों का इलाज और अन्य चिकित्सीय गतिविधियां अवैध रूप से संचालित की जा रही हैं। इन शिकायतों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की एक संयुक्त टीम ने औचक रूप से उक्त अस्पताल का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान खुली पोल

​जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निरीक्षण किया, तो अस्पताल पूरी तरह से चालू और संचालित अवस्था में पाया गया। जांच-पड़ताल के दौरान प्रथम दृष्टया यह बात सामने आई कि यह अस्पताल पूरी तरह से बिना वैध पंजीकरण के चल रहा था। इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने फौरन संबंधित थाना पुलिस को लिखित शिकायत पत्र भेजकर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की संस्तुति की।

सीएमओ की इस तहरीर के आधार पर पुलिस ने सागर हॉस्पिटल के संचालकों और प्रबंधकों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और अस्पताल के संचालन से जुड़े सभी दस्तावेजों व पुराने रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है।

​स्वास्थ्य विभाग की दो टूक— अभियान रहेगा जारी

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का स्पष्ट रूप से कहना है कि आम जनता के स्वास्थ्य और जीवन के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिना वैध लाइसेंस, अनुमति अथवा पंजीकरण के शहर में कोई भी अस्पताल, क्लीनिक या नर्सिंग होम चलाने वालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। जांच के दौरान जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार बेहद कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।