अयोध्या/लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में संविधान, आपातकाल के इतिहास और आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। अयोध्या दौरे के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री एवं बीजेपी नेता भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिन लोगों ने इतिहास में सबसे ज्यादा संविधान का उल्लंघन किया है, आज वही लोग व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने साल 1975 में इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल का भी खुलकर जिक्र किया।
इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर संविधान को किया कमजोर
अयोध्या में मीडिया से बात करते हुए भूपेंद्र चौधरी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि संविधान को सबसे ज्यादा तोड़ने और उसे समाप्त करने का काम इन्हीं लोगों ने किया है। वर्ष 1975 का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर भारतीय संविधान को कमजोर करने का कुत्सित प्रयास किया था, और उस तानाशाही दौर में लोकतंत्र की रक्षा के लिए तमाम लोगों ने लंबा संघर्ष किया था। कांग्रेस ने उस दौरान बड़ी संख्या में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया था।
एमएलसी की 11 सीटों पर बीजेपी की जीत का दावा
प्रदेश में आगामी 23 अक्टूबर को होने जा रहे विधान परिषद (MLC) की 11 शिक्षक और स्नातक सीटों के चुनावों को लेकर भूपेंद्र चौधरी ने विश्वास जताया कि बीजेपी इन सभी सीटों पर भारी मतों से विजय प्राप्त करेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक और स्नातक मतदाता बहुत समझदार होते हैं और वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर सही प्रतिनिधि चुनेंगे। उन्होंने अपनी बात के समर्थन में कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार ने पिछले दस वर्षों में शिक्षा और युवाओं के भविष्य के लिए जो ठोस कार्य किए हैं, जनता उसी के आधार पर बीजेपी प्रत्याशियों को चुनेगी।
सपा के घोषणापत्र पर आरपी सिंह का पलटवार
दूसरी ओर, दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव द्वारा वर्ष 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर घोषणापत्र जारी किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता भली-भांति जानती है कि सपा के पिछले शासनकाल में राज्य की क्या स्थिति थी और जनता यहाँ के ‘गुंडा राज’ व ‘माफिया राज’ की गवाह रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब विकास चाहती है, और इन वादों के झांसे में आने वाली नहीं है।
घोषणापत्र हमारे लिए पवित्र दस्तावेज: अवधेश प्रसाद
इसके विपरीत, अयोध्या में समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने अपनी पार्टी के रुख का बचाव करते हुए कहा कि उनके लिए चुनाव घोषणापत्र किसी पवित्र ग्रंथ के समान है। उन्होंने कहा, “हम अपने घोषणापत्र को उसी श्रद्धा और सम्मान के साथ देखते हैं, जिस तरह धार्मिक ग्रंथों का सम्मान करते हैं। चुनाव से पहले जनता से जो भी वादे किए जाते हैं, सरकार बनने पर अगले पाँच वर्षों के भीतर उन्हें पूरी निष्ठा से पूरा किया जाता है।” बहरहाल, 2027 के रण से पहले यूपी के सियासी गलियारों में बयानों का दौर लगातार गर्माता जा रहा है।
