भिवाड़ी (राजस्थान)। राजस्थान के भिवाड़ी स्थित खुशखेड़ा-करौली औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार सुबह एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा हुआ। एक फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और आग ने 8 मजदूरों की बलि ले ली। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जिस कारखाने को कागजों पर ‘गारमेंट फैक्ट्री’ (कपड़ा निर्माण) के रूप में पंजीकृत कराया गया था, वहां अवैध रूप से पटाखों और खतरनाक केमिकल्स का काम हो रहा था।
भूकंप जैसा धमाका, कंकाल में बदले शव
धमाका इतना शक्तिशाली था कि सीसीटीवी फुटेज में पूरी इमारत किसी भूकंप की तरह हिलती नजर आई। ज्वलनशील केमिकल्स और बारूद के कारण आग ने चंद सेकंड में विकराल रूप ले लिया, जिससे अंदर काम कर रहे मजदूरों को भागने का मौका तक नहीं मिला। बचाव कार्य के दौरान जो शव बाहर निकाले गए, वे पूरी तरह जलकर कंकाल बन चुके थे। प्रशासन अब डीएनए (DNA) टेस्ट के जरिए मृतकों की शिनाख्त करने की कोशिश कर रहा है।
प्रशासनिक लापरवाही और नेताओं की संवेदनाएं
हादसे के बाद वन मंत्री संजय शर्मा और जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला ने घटनास्थल का मुआयना किया। वन मंत्री ने बताया कि यह जमीन रीको (RIICO) द्वारा गारमेंट व्यवसाय के लिए आवंटित की गई थी, लेकिन वहां नियमों को ताक पर रखकर अवैध आतिशबाजी बनाई जा रही थी। इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम भजनलाल शर्मा और अशोक गहलोत सहित कई दिग्गजों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
गंभीर घायल दिल्ली एम्स रेफर, मालिक फरार
हादसे में गंभीर रूप से झुलसे चार मजदूरों (अनूप, जुन्नू, विवेक और मन्नू) को प्राथमिक उपचार के बाद दिल्ली एम्स रेफर किया गया है। सभी मजदूर यूपी और बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। फैक्ट्री मालिक राजेंद्र फिलहाल फरार है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों के वेरिफिकेशन के आदेश दिए गए हैं।

