तेहरान/नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध और इजराइल-अमेरिका के हमलों के बीच ईरान से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने दिवंगत आयतुल्लाह अली खामेनेई के दूसरे बेटे, मुजतबा अली खामेनेई को देश का नया ‘सुप्रीम लीडर’ (सर्वोच्च नेता) नियुक्त कर दिया है। ईरान के सरकारी मीडिया ‘प्रेस टीवी’ ने इस नियुक्ति की आधिकारिक पुष्टि की है।
तेहरान में जश्न और धमाकों का साया
मुजतबा खामेनेई की नियुक्ति की खबर मिलते ही तेहरान की सड़कों पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। लोग नए सर्वोच्च नेता के समर्थन में जश्न मना रहे हैं। हालांकि, यह सत्ता परिवर्तन ऐसे समय में हुआ है जब तेहरान पर हवाई हमले जारी हैं।
नियुक्ति के ऐलान के कुछ ही देर बाद राजधानी में कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। ईरानी सेना (IRGC) और आर्म्ड फोर्सेज के जनरल स्टाफ ने मुजतबा खामेनेई को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया है।
पुतिन की बधाई और फ्रांस की घेराबंदी
इस ऐतिहासिक बदलाव पर वैश्विक प्रतिक्रियाएं भी शुरू हो गई हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मुजतबा खामेनेई को पद संभालने पर बधाई दी है। वहीं, दूसरी ओर फ्रांस ने इस नियुक्ति और क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) की आपातकालीन बैठक बुलाने की मांग की है। पश्चिमी देशों में इस उत्तराधिकार को लेकर गहरी चिंता देखी जा रही है।
युद्ध ने लिया घातक मोड़: 8 अमेरिकी सैनिकों की मौत
ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी यह संघर्ष अब और अधिक हिंसक हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में अब तक 8 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं। इधर, ईरान द्वारा किए गए जवाबी हमलों की चपेट में पड़ोसी देश सऊदी अरब भी आ गया है, जहाँ अल-खारज इलाके में दो लोगों की मौत की खबर है।
कौन हैं मुजतबा खामेनेई?
मुजतबा खामेनेई (56 वर्ष) आयतुल्लाह अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं। उन्हें ईरान की सुरक्षा व्यवस्था और धार्मिक हलकों में बेहद प्रभावशाली माना जाता है। असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने देश की जनता से अपील की है कि वे इस संकट की घड़ी में एकजुट रहें और नए सर्वोच्च नेता के साथ मजबूती से खड़े हों।

