डिब्रूगढ़/गुवाहाटी: असम विधानसभा चुनाव 2026 के रणभेरी बजने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार को एक दिवसीय दौरे पर राज्य पहुँचे। डिब्रूगढ़ जिले के प्रसिद्ध ‘मनोहारी टी इस्टेट’ में प्रधानमंत्री का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। यहाँ पीएम मोदी ने न केवल चाय बागान की महिला श्रमिकों से आत्मीय बातचीत की, बल्कि टोकरी लादकर उनके साथ चाय की पत्तियां भी तोड़ीं।
प्रधानमंत्री के इस दौरे ने राज्य के चाय जनजाति (Tea Tribes) वोट बैंक के बीच भाजपा की पकड़ को और मजबूत करने का संकेत दिया है।
”चाय जनजाति के प्रयासों पर गर्व”: सोशल मीडिया पर साझा की तस्वीरें
प्रधानमंत्री ने महिला श्रमिकों के साथ बिताए गए पलों की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर साझा कीं। उन्होंने लिखा, “हमें हर चाय जनजाति परिवार के प्रयासों पर अत्यंत गर्व है। उनकी कड़ी मेहनत और लगन ने असम के गौरव को बढ़ाया है।”
एक अन्य पोस्ट में पीएम ने सेल्फी का जिक्र करते हुए बताया कि पत्तियां तोड़ने के बाद महिलाओं ने अपनी संस्कृति साझा की और साथ में फोटो भी खिंचवाई।
9 अप्रैल को महामुकाबला: 4 मई को आएंगे नतीजे
असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए चुनावी बिगुल फूँका जा चुका है। चुनाव आयोग के अनुसार मतदान 9 अप्रैल 2026 को एक ही चरण में होगा और परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किये जायेंगे।
NDA बनाम असम सम्मिलित मोर्चा: सीधा मुकाबला
राज्य में सत्ता की चाबी पाने के लिए दो बड़े गठबंधनों के बीच कांटे की टक्कर है: सत्तारूढ़ NDA मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा करीब 90 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। गठबंधन में असम गण परिषद (AGP) को 25 और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (BPF) को 11 सीटें मिली हैं।
कांग्रेस के नेतृत्व वाले असम सम्मिलित मोर्चा (विपक्ष) ने भी कमर कस ली है। कांग्रेस खुद लगभग 100 सीटों पर मैदान में है (94 उम्मीदवारों की घोषणा हो चुकी है), जबकि रायजोर दल और असम जातीय परिषद (AJP) अपने कोटे की सीटों पर जोर लगा रहे हैं।
त्रिकोणीय संघर्ष की संभावना
इन दो बड़े मोर्चों के अलावा बदरुद्दीन अजमल की AIUDF, आम आदमी पार्टी (AAP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मौजूदगी ने कई सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय और दिलचस्प बना दिया है। प्रधानमंत्री का यह दौरा भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाने और चाय बागान श्रमिकों के बड़े वोट बैंक को साधने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

