आगरा। ताजनगरी के आलू किसानों के लिए एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी युग की शुरुआत होने जा रही है। सींगना (आगरा) में बनने वाले बहुप्रतीक्षित अंतर्राष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र के निर्माण की सभी बाधाएं दूर हो गई हैं और इसके लिए भारत सरकार के उपक्रम NBCC (India) लिमिटेड ने ₹33.57 करोड़ से अधिक का ई-टेंडर जारी कर दिया है।
एशिया का इकलौता केंद्र: 12 माह में होगा तैयार
भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर ने इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए बताया कि यह केंद्र न केवल भारत बल्कि पूरे एशिया का एकमात्र ऐसा अनुसंधान केंद्र होगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा और महज 12 महीने के भीतर यह आधुनिक केंद्र बनकर तैयार हो जाएगा।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा परिसर
₹33,57,53,427 की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना में विश्वस्तरीय सुविधाएं शामिल होंगी:
मुख्य ढांचा: जी+1 (G+1) मुख्य प्रयोगशाला भवन और फार्म मैनेजमेंट एवं कार्यालय भवन।
तकनीकी सुविधाएं: आधुनिक HVAC सिस्टम, सीसीटीवी निगरानी, LAN/IP EPABX, फायर फाइटिंग और डिटेक्शन सिस्टम।
विकास कार्य: परिसर में बाहरी विकास, आधुनिक विद्युत कार्य और अत्याधुनिक फिनिशिंग।
आलू किसानों की आय में होगा क्रांतिकारी उछाल
सांसद राजकुमार चाहर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस केंद्र से आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़ और हाथरस सहित पूरे उत्तर भारत के आलू किसानों का जीवन बदल जाएगा। अब स्थानीय किसान उन्नत किस्म के बीज तैयार कर सकेंगे, जिन्हें न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी निर्यात किया जाएगा। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और क्षेत्र की कृषि को वैश्विक पहचान मिलेगी।
टेंडर प्रक्रिया का विवरण (Key Dates)
टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि: 27 मार्च 2026 (सुबह 11:00 बजे तक)।
तकनीकी बोली (Technical Bid): 27 मार्च 2026 (सुबह 11:30 बजे)।
अर्नेस्ट मनी (EMD): ₹33.57 लाख।

