जम्मू। जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में भारतीय सेना ने बुधवार सुबह एक बड़ी आतंकी साजिश को विफल कर दिया। भीमबेर गली सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर तैनात सतर्क जवानों ने पाकिस्तान की ओर से हो रही घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए दुश्मनों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
खुफिया इनपुट पर सेना की त्वरित कार्रवाई
सेना के नगरोटा स्थित व्हाइट नाइट कोर ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि 4 मार्च 2026 की अलसुबह भीमबेर गली के जनरल एरिया में कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखी गई थीं। भरोसेमंद इंटेलिजेंस इनपुट और लगातार जारी सर्विलांस के आधार पर जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला।
बेहतरीन ‘टैक्टिकल एग्जीक्यूशन’ का परिचय देते हुए भारतीय जांबाजों ने घुसपैठियों के मंसूबों को मिट्टी में मिला दिया और एलओसी के उल्लंघन को पूरी तरह रोक दिया।
जमीन और आसमान से कड़ी निगरानी
सेना ने स्पष्ट किया है कि इलाके में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए सैनिकों को ‘रीओरिएंट’ किया गया है। वर्तमान में पूरे सेक्टर में इंटीग्रेटेड ग्राउंड और एरियल सर्विलांस (ड्रोन और तकनीकी उपकरणों) के जरिए निगरानी की जा रही है। बयान में कहा गया, “हमारी दीवार चौकन्नी है और सीमा पार से होने वाली हर हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।”
सुरक्षा का अभेद्य घेरा
बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 740 किलोमीटर लंबी एलओसी और 240 किलोमीटर लंबा अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर है। जहां एलओसी की सुरक्षा की जिम्मेदारी भारतीय सेना के पास है, वहीं अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ (BSF) मुस्तैद रहती है। हाल के दिनों में ड्रोन के जरिए हथियार, ड्रग्स और कैश भेजने की कोशिशें बढ़ी हैं, जिसे देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
आतंक के नेटवर्क पर प्रहार
जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल न केवल सीमा पर बल्कि राज्य के भीतर भी सक्रिय हैं। आतंकवादियों के मददगारों (OGWs), ड्रग तस्करों और हवाला ऑपरेटरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि आतंकवाद को मिलने वाली आर्थिक मदद की कमर तोड़ी जा सके।
