22 अप्रैल हमारे लिए ब्लैक डे… पहलगाम आतंकी हमले की शिकार ऐशान्या ने आगरा में सुनाई आपबीती, एकजुटता की अपील

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आगरा। पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए कानपुर निवासी शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या द्विवेदी ने आगरा के जीआईसी मैदान में आयोजित हिंदू सम्मेलन में मंच से अपनी पीड़ा साझा की। उनका संबोधन कई बार भावुक हुआ तो कई बार बेहद तीखा। उन्होंने सनातन, हिंदुत्व और समाज की एकजुटता को लेकर खुलकर बात की और लोगों से जागरूक रहने की अपील की।

“22 अप्रैल 2025 हमारे लिए ब्लैक डे है”

ऐशान्या ने कहा कि उनकी कहानी अब सब जानते हैं, लेकिन वह इस घटना को अपनी कमजोरी नहीं, अपनी ताकत बनाकर आगे बढ़ना चाहती हैं। उन्होंने 22 अप्रैल 2025 को “ब्लैक डे” बताते हुए कहा कि उसी दिन उनके सामने उनके पति से कहा गया था कि “कलमा पढ़ो, नहीं तो गोली मार देंगे”, लेकिन उनके पति ने गर्व से कहा कि वह हिंदू हैं।

घटना के बाद का अनुभव भी साझा किया

ऐशान्या ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि पहलगाम हमले के बाद जब वह अपनी बहन के स्टोर पर गईं तो बुर्के में आई तीन महिलाएं उन्हें देखकर लौट गईं। उन्होंने कहा कि उन महिलाओं ने टिप्पणी की, “यह वही पहलगाम वाली लड़की है, इसके यहां से कुछ नहीं खरीदना है।”

ऐशान्या ने कहा कि उन्होंने किसी का कुछ नहीं बिगाड़ा था, फिर भी उन्हें उनके धर्म के नाम पर अपमानित किया गया।

“हम एक नहीं हुए तो आगे खतरा बढ़ेगा”

मंच से उन्होंने कहा कि समाज को अब यह समझना होगा कि “हम हिंदू हैं, हम एक हैं।” उन्होंने आत्मसम्मान और जागरूकता पर जोर देते हुए कहा कि अगर समय रहते एकजुटता नहीं दिखाई गई तो आने वाले समय में स्थितियां और कठिन हो सकती हैं।

कश्मीर को लेकर रखी बेबाक राय

कश्मीर की स्थिति पर ऐशान्या ने कहा कि अगर वहां हिंदू बहुमत होता तो जानें नहीं जातीं और 26 लोगों की हत्या नहीं होती। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से सबक लेकर समाज को सतर्क और संगठित होना होगा।

“किसी और बेटी-बहू के साथ ऐसा न हो”

ऐशान्या ने कहा कि वह नहीं चाहतीं कि किसी और परिवार को इस दर्द से गुजरना पड़े। उन्होंने अपील की कि लोग एकजुट रहें और अपने आत्मसम्मान के साथ खड़े हों। उनके संबोधन के दौरान पंडाल में मौजूद लोग भावुक नजर आए और माहौल काफी देर तक संवेदनशील बना रहा।