नई दिल्ली: तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता के. अन्नामलाई की दिल्ली यात्रा ने प्रदेश की राजनीति में मचे कयासों को नई दिशा दे दी है। सोमवार को उन्होंने भाजपा मुख्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं नितिन नवीन और संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी अन्नामलाई को कोई बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी में है।
राज्यसभा की राह और नई भूमिका
सूत्रों के अनुसार, बैठक में के. अन्नामलाई के राजनीतिक भविष्य पर विस्तृत चर्चा हुई। पार्टी नेतृत्व ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनकी कार्यक्षमता और पार्टी के प्रति उनके योगदान को देखते हुए उन्हें उचित जिम्मेदारी दी जाएगी। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि भाजपा उन्हें राज्यसभा भेज सकती है, जिस पर अन्नामलाई ने भी सहमति व्यक्त कर दी है।
अटकलों पर अन्नामलाई का संयम
हाल के दिनों में उनके भाजपा छोड़ने और नई पार्टी बनाने की जो अटकलें चल रही थीं, उस पर अन्नामलाई ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है। दिल्ली रवाना होने से पहले पत्रकारों के सवालों पर उन्होंने केवल इतना कहा, “कृपया प्रतीक्षा करें, हम दो दिन में बैठकर बात करेंगे।” उनके इस बयान से स्पष्ट है कि जल्द ही कोई बड़ा राजनीतिक निर्णय या घोषणा सामने आ सकती है।
तमिलनाडु में भाजपा का प्रमुख चेहरा
पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे अन्नामलाई 2020 में भाजपा से जुड़े थे। 2021 से 2025 के बीच राज्य भाजपा अध्यक्ष के रूप में उन्होंने तमिलनाडु में पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। युवाओं और सोशल मीडिया पर उनकी तगड़ी पकड़ ने उन्हें तमिलनाडु भाजपा का सबसे प्रमुख चेहरा बनाया है।
हालांकि, हाल ही में त्रिभाषा नीति को लेकर केंद्र सरकार पर उनकी टिप्पणियों ने पार्टी के भीतर और बाहर कई सवाल खड़े किए थे, जिससे उनके और पार्टी नेतृत्व के बीच संबंधों को लेकर अफवाहों का दौर शुरू हुआ था। अब दिल्ली में हुई इन उच्च-स्तरीय बैठकों से यह स्पष्ट हो रहा है कि भाजपा अपने इस फायरब्रांड नेता को पार्टी की मुख्यधारा में ही बनाए रखने के पक्ष में है और उनके ‘रोल’ को लेकर चल रहे कयासों पर विराम लगाने की कोशिश की जा रही है।


