आगरा। समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन के आवास पर विगत दिवस हुए बवाल के मामले में सुमन के पुत्र पूर्व विधायक रणजीत सुमन द्वारा थाना हरीपर्वत पर दर्ज कराये गये मुकदमे में घर के अंदर घुसकर लूटपाट किये जाने का भी जिक्र है।
रणजीत सुमन द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि 26 मार्च को दिन में दो बजे मेरे आवास पर सैकड़ों की संख्या में अनियंत्रित भीड़ ने जान से मारने की धमकी एवं जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मुझ पर और मेरे समर्थकों पर प्राण घातक हमला किया। मेरे समर्थकों ने मुझे बचाकर निकाला गया, अन्यथा उपरोक्त लोग मेरी हत्या कर देते।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भीड़ द्वारा घर पर और गाड़ियों के शीशे तोड़े गये। उनकी फॊर्च्यूनर गाड़ी का शीशा तोड़कर पर्स और नकदी व अन्य सामान लूट लिया। फ्लैट नंबर 3/2 एचआईजी में घुसकर घरेलू सामान तोड़ा गया और कीमती सामान की लूट की गई। इस हमले में उनके समर्थकों को चोटें आई हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सोशल मीडिया पर ऐलान करने के बाद सुनियोजित तरीके से ये हमला किया गया।
रासुका में कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग
राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा एडवोकेट एवं अन्य अधिवक्ताओं ने पुलिस कमिश्नर को एक पत्र देकर मांग की है कि सपा सांसद रामजी लाल सुमन के आवास पर करणी सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा किये गये हमले की कड़ी निंदा की है।
अधिवक्ताओँ ने कहा कि इस घटना से पूरी तरह साबित हो गया है कि भाजपा शासन में पूरे प्रदेश में पूरी तरह से गुंडाराज व्याप्त है। लोकतंत्र में किसी के विचारों से खिन्न होकर विरोध के और भी तमाम तरीके हैं। सभी अधिवक्तागण व कांग्रेसजन घटना की तीव्र निंदा करते हैं। हालांकि हम सभी लोग सांसद सुमन के बयान का भी समर्थन नहीं करते।
पत्र में सुमन के आवास पर गुंडागर्दी व तोड़फोड़ करने वाले तत्वों के विरुद्ध दर्ज रिपोर्ट में अन्य धाराओं के साथ-साथ रासुका, दलित एक्ट एवं जानलेवा की धाराएं भी लगाई जाएं। शीघ्र ऐसे तत्वों की गिरफ्तारी की जाए।
कार्रवाई की मांग करने वालों में अधिवक्ता राम दत्त दिवाकर, आरएस मौर्य, पवन कुमार गौतम, बीएस फौजदार, राजेंद्र गुप्ता धीरज, सत्य प्रकाश सक्सेना, उमेश जोशी, अश्विनी श्रीवास्तव, चंद्रभान निर्मल, रतीराम, राकेश नौहवार एवं जिला कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता पवन कुमार शर्मा, प्रदीप चंसौलिया, मुकेश गढ़ौक, सुरेश आमौरिया, नवीन वर्मा और ओपी वर्मा आदि शामिल हैं।