दादरी (नोएडा): उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए सियासी पारा चढ़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के ठीक अगले दिन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दादरी के मिहिर भोज डिग्री कॉलेज मैदान से हुंकार भरी। अखिलेश ने इस जनसभा को महज एक रैली नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की बहाली के लिए ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का शंखनाद बताया।
”सरकारी कर्मचारियों और छात्रों की थी भीड़”
पीएम मोदी की रैली पर सीधा हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करती है, लेकिन रैली सफल बनाने के लिए उसे सरकारी मशीनरी और छात्रों का सहारा लेना पड़ा। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, “छात्रों को बुलाकर लंबी छुट्टी का लालच दिया गया। लेकिन अब जनता ने मन बना लिया है कि उत्तर प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली से भी बीजेपी की पक्की छुट्टी होने जा रही है।”
रिवरफ्रंट पर लगेंगी महापुरुषों की प्रतिमाएं
अखिलेश यादव ने सत्ता में वापसी का संकल्प दोहराते हुए एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि 2027 में समाजवादी सरकार बनने पर लखनऊ के गोमती रिवरफ्रंट पर उन सभी PDA महापुरुषों की भव्य प्रतिमाएं लगाई जाएंगी, जिनके योगदान को मौजूदा सरकार ने भुला दिया है। उन्होंने कहा, “हम उन सम्राटों और पूर्वजों के इतिहास को वापस लाएंगे जिन्हें हमसे छीनने की कोशिश की गई।”
मेट्रो और विकास पर घेरा
नोएडा के ‘अंधविश्वास’ और विकास को लेकर दिए गए बयानों पर पलटवार करते हुए सपा प्रमुख ने कहा, “बीजेपी के लोग शायद भूल गए हैं कि जिस मेट्रो में बैठकर उन्होंने उद्घाटन की तस्वीरें खिंचवाईं, उसे समाजवादी सरकार ने ही बनाया था। नोएडा को दिल्ली से जोड़ने का काम हमने किया था।”
अपमान और भेदभाव का हिसाब होगा
भावुक होते हुए अखिलेश ने कहा कि जो लोग हमारे घर को ‘गंगाजल’ से धुलवाते हैं, वे कभी पिछड़ों और दलितों का दर्द नहीं समझ सकते। उन्होंने कहा कि भेदभाव और तिरस्कार के खिलाफ यह लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए ‘एटीएम’ वाले बयान पर पलटवार किया और कहा कि हार सामने देखकर बीजेपी अब पद की गरिमा भूल रही है।

