समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए बयान जारी करते हुए कहा कि भाजपा सरकार लगातार अधिकारियों पर अनैतिक और अवैध काम करने का भारी दबाव बना रही है, जिसके परिणामस्वरुप ईमानदार अधिकारियों को अपनी नौकरी से त्यागपत्र देने तक के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश की चर्चित और तेज-तर्रार आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, उप्र में भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार के कारण ईमानदार अधिकारी निम्नलिखित कई तरह के दबाव में हैं: कमीशनख़ोरी से भ्रष्टाचार करने, भाजपाइयों को टेंडर दिलवाने में हेराफेरी करने, ट्रांसफ़र-पोस्टिंग को धंधा बनाते हुए पैसे लेने, चंदा-पर्ची कटवाकर वसूली करवाने, विपक्ष पर झूठे मुक़दमे लगाने, हिरासत में किसी को मरवाने, विरोधियों के फ़ेक एनकाउंटर करवाने, एनकाउंटर का डर दिखाकर पैसे ऐंठने, पीडीए के अत्याचार को दबाने-छिपाने, कारोबारियों से धन उगाहने, बलात्कार-अपहरण के केस दबाने, भाजपाइयों के क़ब्ज़े के मामले छुपाने, प्रदेश की सीमाओं पर माल इधर-से-उधर करवाने, मिलावट के मामलों को शुद्ध बताने, किसान, मज़दूर, महिलाओं, युवाओं के उत्पीड़न पर मुंह फेर लेने, छूआछूत के मामले दबवाने, मंदिर चोरी के केस में एफ़आइआर न करवाने और किसी माननीय की छवि को हर हाल में लीपापोती करके बचाने…
उन्होंने आगे लिखा, ऐसे और भी अनगिनत कारण हैं जहां भाजपा सरकार अधिकारियों पर अनैतिक-अवैध काम करने का दबाव बनाती है, जिसकी वजह से उन्हें त्यागपत्र तक देना पड़ जाता है। ईमानदार अधिकारियों के बिना कोई शासन-प्रशासन नहीं चल सकता है।
