लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से शनिवार सुबह एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। जिला प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर बनी एक मस्जिद को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। प्रशासन का इस पूरी कार्रवाई को लेकर कहना है कि सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने इस मस्जिद के निर्माण को सरकारी जमीन पर अवैध करार दिया था, जिसके बाद यह विध्वंस की कार्रवाई अमल में लाई गई है।
हालांकि, इस प्रशासनिक कार्रवाई के ठीक बाद उत्तर प्रदेश की सियासत पूरी तरह से गरमा गई है और राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार पर बहुत बड़ा और तीखा हमला बोला है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि जिस भाजपा ने मंदिरों के दान और मान-सम्मान तक को नहीं छोड़ा, वह किसी की भी आस्था के प्रतीकों का सही मोल क्या जान सकती है।
अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार को आड़े हाथों लेते हुए लिखा कि भारतीय जनता पार्टी चाहे जितनी नाइंसाफी और ज्यादती क्यों न कर ले, लेकिन अब वह खुद गहरी खौफ और डर के साए में जी रही है। यह डर जनता की मुखर आवाज़ों से नहीं, बल्कि उनकी गहरी खामोशियों से पैदा हो रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि कानून का सहारा लेकर गैर-कानूनी और मनमाने काम करने का यह दौर कुछ समय के लिए भले ही हावी नजर आ सकता है, लेकिन यह कभी भी हमेशा के लिए नहीं चल सकता।
सपा प्रमुख ने आगे तंज कसते हुए लिखा कि जिस भाजपा सरकार ने खुद मंदिरों के दान-मान को लूटने का काम किया हो, वह किसी भी धर्म की आस्था के प्रतीकों की कीमत क्या समझेगी। आज देश और प्रदेश का पूरा मुस्लिम, बौद्ध, सिख, जैन, अल्पसंख्यक वर्ग के साथ-साथ पिछड़ा और दलित समाज यह सब अपनी आंखों से देख रहा है कि किस प्रकार उनके ऊपर लगातार अत्याचार बढ़ता ही जा रहा है।
पीड़ितों की चुप्पी और ‘पीडीए’ फार्मूले का जिक्र करते हुए सपा अध्यक्ष ने लिखा कि जब समाज का कोई पीड़ित व्यक्ति चुप हो जाता है, तो उसका विरोध मौन होने के बावजूद सबसे ज्यादा मुखर और असरदार होने लगता है। अब देश का यह पूरा ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग अपनी पूरी एकजुटता दुनिया को दिखाएगा और भविष्य में ‘सामाजिक न्याय का राज’ स्थापित करके एक सच्चे अर्थों में सौहार्दपूर्ण ‘बंधुराष्ट्र’ का निर्माण करेगा।
