लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखा प्रहार किया। अखिलेश यादव ने राज्य में हो रहे एनकाउंटर की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए इसे ‘जाति आधारित’ करार दिया। इसके साथ ही, भीषण गर्मी के बीच प्रदेश में जारी अघोषित बिजली कटौती को लेकर भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
’एनकाउंटर में हो रहा जाति का भेदभाव’
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने प्रदेश में पुलिस एनकाउंटर पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “आजकल फेक एनकाउंटर की खबरें आम हो गई हैं। सरकार जाति देखकर एनकाउंटर करवा रही है, जो बेहद चिंताजनक है।” उन्होंने आगे कहा कि कई पीड़ित परिवारों ने इस अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है, लेकिन सरकार उनकी सुनवाई नहीं कर रही है।
बिजली संकट पर भाजपा को घेरा
प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। इसे लेकर सपा अध्यक्ष ने भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि बीते दस वर्षों में भाजपा ने बिजली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कोई काम नहीं किया।
अखिलेश ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को याद करते हुए दावा किया कि, “आज प्रदेश को जो बिजली मिल रही है, वह समाजवादी पार्टी की सरकार में स्थापित किए गए बिजलीघरों की देन है। भाजपा सरकार ने केवल बिजली का बिल बढ़ाकर जनता को आर्थिक रूप से लूटने का काम किया है।”
’भाजपा ने प्रदेश को अंधकार में धकेला’
अखिलेश यादव ने सरकार पर चौतरफा निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने पूरे उत्तर प्रदेश को अंधकार में धकेल दिया है। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को चरम पर बताते हुए कहा कि भाजपा का शासनकाल ‘असत्य का रास्ता’ बन गया है। साथ ही पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि जनता की जेब पर रोज डाका डालने का क्या औचित्य है?
बता दें कि हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी और सख्त निर्देश दिए थे, लेकिन अखिलेश यादव के आरोपों ने एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में गर्माहट बढ़ा दी है।


