लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) और नई मतदाता सूची को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। अखिलेश यादव का दावा है कि भाजपा हार के डर से अब ‘फॉर्म-7’ का सहारा लेकर विपक्षी मतदाताओं, विशेषकर PDA (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) के वोट कटवाने की बड़ी साजिश रच रही है।
’जलापूर्ति की जगह धनापूर्ति और वोट में घोटाला’
सपा सुप्रीमो ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि भाजपा ने एक “गुप्त बैठक” की है। इस बैठक का एकमात्र एजेंडा यह था कि समाजवादी पार्टी के मजबूत वोट बैंक को कैसे निशाना बनाया जाए। अखिलेश ने कहा, “भाजपा को पता है कि वह 2026 में चुनाव नहीं जीत रही है, इसलिए वह अब सामने वाले का वोट काटने की साजिश कर रही है। लेकिन जनता जागरूक है और हर साजिश का जवाब देगी।”
एक करोड़ फर्जी वोट का दावा
अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला तेज करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने एक करोड़ फर्जी वोट बढ़वाए हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसे फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि जिस SIR (Special Intensive Revision) से भाजपा पूरे देश को परेशान करती थी, आज उसी से उनके अपने लोग परेशान हैं क्योंकि उनके द्वारा बनाए गए फर्जी वोट पकड़े जा रहे हैं।
‘हम शांत नहीं रहेंगे’
सपा अध्यक्ष ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कच्ची मतदाता सूची में जो गड़बड़ी करने की कोशिश की जा रही है, उस पर सपा चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि हम वोट में किसी भी प्रकार का घोटाला नहीं होने देंगे।

